समस्या- मैं सूरजमुखी लगाना चाहता हूं कृपया तकनीकी जानकारी एवं मार्गदर्शन दें।
– जगमोहन शाह, मंडला
समाधान– सूरजमुखी एक बहुत उपयोगी तिलहनी फसल है परंतु इसका विस्तार सीमित है। जिसके दो कारण हैं दानों को पक्षियों द्वारा हानि से बचाना कठिन एवं दूसरा फूल में संतोषजनक फलन ना होना जिसको ठीक भी किया जाना सरल है। एक गांव में या क्षेत्र में सामूहिक रूप से इसकी बुआई होकर आवाज करके पक्षियों को हटाना दूसरा फूल खिलने पर मधुमक्खी पालन करके परागीकरण की क्रिया को बढ़ाया जा सकता है या फिर हाथों में ग्लोब पहनकर फूलों पर हाथ फिरवाना, अन्य जानकारी के लिये आप निम्न तकनीकी अपनायें।
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- इसकी बुआई 15 जून से 15 जुलाई के मध्य की जाये।
- अच्छे जल निथार वाली भूमि का चयन करें।
- उन्नत किस्में के.बी.एस.एच.1, ए.बी.एस.एच11, बी.एम.एच. 1, पारस इत्यादि लगायें बीज हर वर्ष बदल कर बोयें।
- एक हेक्टर क्षेत्र के लिये 1 किलो बीज संकर किस्मों का तथा अन्य जातियों का 10-12 किलो/हे.
- यूरिया 87 किलो, सिंगल सुपर फास्फेट 375 किलो तथा पोटाश 60 किलो/हे. की दर से डालें।
- समय से निंदाई/गुड़ाई की जाये।

