100-100 करोड़ से अधिक की 32 सिंचाई योजनाएं समय पर पूरी होंगी

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भोपाल। प्रदेश में सिंचाई के रकबे में वृद्धि करने के लिए मार्च 2012 से अगले 5 वर्षों में 100 करोड़ से अधिक धनराशि की 32 सिंचाई योजनाएं स्वीकृत की गई है जिनके वर्ष 2017, 2018, 2019 एवं 2020 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह जानकारी जलसंसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने विधानसभा में दी।
पूर्व मंत्री श्री बाबूलाल गौर के प्रश्न के जवाब में डॉ. मिश्रा ने बताया कि 100 करोड़ से अधिक 32 की योजनाओं में से रायसेन जिले की सेमरी, देवास जिले की दतुनी एवं सिवनी जिले की अपरतिलवारा सिंचाई योजनाएं इसी वर्ष 2017 में पूरी हो जाएंगी। इसी प्रकार मुरैना जिले की आसन बैराज, रायसेन जिले की बारना ई.आर.एम., मंदसौर की भानपुरा, धार की माही सूक्ष्म दबाव विस्तार, सागर की परकुल, रीवा की बहुती उच्च नहर एवं त्यौंथर बहाव तथा सतना की मझगवां नहर प्रणाली वर्ष 2018 में पूरी होगी।
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 तक टीकमगढ़ जिले की बानसुजारा, बैतूल की पारसडोड, मंदसौर की गरोठ, खण्डवा की भाम राजगढ़, धार की बरखेड़ा एवं कास्म, जबलपुर की हिरन, डिण्डोरी की खरमेर, दमोह की पंचम नगर साजली एवं जूडी, पन्ना की मझगांय, छतरपुर की श्यामरी एवं सीधी जिले की गुलाब सागर योजनाएं पूरा करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही वर्ष 2020 तक राजगढ़ जिले की मोहनपुरा, कुंडलिया, होशंगाबाद की तवा ईआरएम, सतना की रामनगर सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं एवं अशोक नगर जिले की चंदेरी सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं तैयार होंगी।

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