सूखे से निपटने पर विचार

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

प्रधानमंत्री के साथ सूखा प्रभावित राज्यों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान 

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिनों दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को मध्यप्रदेश में सूखे की स्थिति और उससे निपटने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रयासों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में 61 लाख सूखा प्रभावित किसानों को 4,664 करोड़ की राहत वितरित की गयी है। प्रधानमंत्री ने सूखा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि बीते 10 वर्ष में राज्य सरकार द्वारा जो ठोस कदम उठाये गये हैं, उसके कारण प्रदेश में सूखा की स्थिति से निपटने में बेहद मदद मिली है। राज्य शासन द्वारा किये गये प्रयासों में जल-भण्डारण संरचनाओं का निर्माण विशेष रूप से शामिल है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से लगातार कम वर्षा होने के बावजूद प्रदेश में फिलहाल 50 हजार गाँव में से सिर्फ 113 गाँव में पानी के परिवहन की आवश्यकता हो रही है। अगर जून के अंत तक भी पानी नहीं गिरता, तब भी सिर्फ 400 गाँव में जल-परिवहन की स्थिति बनेगी।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सूक्ष्म सिंचाई, द्रव्य, खाद, स्पेस टेक्नालॉजी के उपयोग तथा खेत-तालाबों पर ध्यान केन्द्रित करने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने जल-संरक्षण और भण्डारण तथा एनसीसीए, एनएसएस, एनवाईकेएस और स्काउट एण्ड गाइड्स जैसे युवाओं के संगठनों को इन गतिविधियों से जोडऩे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा नदी के जल-ग्रहण क्षेत्र में वृक्षारोपण और वृक्षों के संरक्षण पर भी चर्चा की।
बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश को एनडीआरएफ के अंतर्गत 1875.80 करोड़ की राशि जारी कर दी गयी है। यह एसडीआरएफ के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में जारी 657.75 करोड़ की केन्द्रीय सहायता के अतिरिक्त है। वर्ष 2016-17 के लिये एसडीआरएफ के अंतर्गत पहली किस्त के रूप में 345.375 करोड़ की राशि जारी की गयी है।
बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह सहित भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी म.प्र. के मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

8 + 17 =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।