समस्या – मैं ग्रीष्मकालीन तिल लगाना चाहता हूं कृपया तकनीकी बतायें।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

– माखनलाल, जामठी
समाधान- आपका प्रश्न उपयोगी है अन्य कृषकों को प्रति उत्तर का लाभ मिल सकता है। ग्रीष्मकालीन तिल की खेती बहुत आसान एवं लाभदायक होती है तथा उत्पादन भी बरसात की फसल से अच्छा होता है आप निम्न तकनीकी अपनायें।

  •     इस मौसम की अनुशंसित किस्म टी.के.जी 21 है अन्य किस्मों को भी लगाया जा सकता है।
  •     बीज दर 5 किलो/हे., बीज का उपचार 3 ग्राम थाईरम/किलो बीज के हिसाब से अवश्य करें।
  •     बुआई का उचित समय 15 फरवरी से 10 मार्च है, कतार से कतार 30 से.मी. तथा पौध से पौध 8 से.मी. दूरी रखी जाये।
  •     उर्वरकों में 130 किलो यूरिया, 230 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 33 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश/हे. की दर से डालें।
  •    अंकुरण उपरांत विरलीकरण तथा 20 दिनों के अंदर हाथ से एक निंदाई आवश्यक है।
  •    10 से 15 दिनों के अंतर से सिंचाई करना जरूरी है।
  •    आमतौर पर देखा गया है कि तिल की फसल को खेतों में पक्षियों से हानि नहीं होती है।
व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eleven − 1 =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।