समस्या- मैंने एम.पी. चरी के बारे में पढ़ा था जायद में चारे के लिये उपयोगी है, कृपया विस्तार से बतायें।

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– रमाकांत, जबेरा
समाधान– आपने ठीक ही सुना था जायद मौसम में हरे चारे की कमी प्राय: सभी जगह होती है और यदि हरा चारा उपलब्ध हो जाये तो पशुओं के लिये विशेषकर दुधारू पशुओं को बहुत लाभ मिलता है और अच्छे दूध उत्पादन का लाभ पालकों को भी मिलता है कुछ ना कुछ क्षेत्र में एमपी चरी को लगाकर ग्रीष्मकाल में हरा चारा उपलब्ध कराया जा सकता है। इसे लगाने के निम्न फायदे हैं।

  • इस फसल की कटाई कई बार की जा सकती है।
  • क्योंकि इसमें एच.सी. एन. नामक जहरीला पदार्थ बहुत कम होता है जिससे पशुओं को बचाया जा सकता है।
  • इसमें 5-6 प्रतिशत प्रोटीन होता है। इसका तना पतला और मुलायम होता है जिसे पशु चाव से खाते और पचाते है।
  • एक हेक्टर क्षेत्र में 40 किलो बीज लगता है।
  • यूरिया 260 किलो, 350 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा  33 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश डालें।
  • यूरिया की आधी मात्रा, फास्फेट-पोटाश की पूरी मात्रा बुआई के  समय दें शेष यूरिया को दो भागों में पहली कटाई के बाद और दूसरी कटाई के बाद दिया जाये।
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