समस्या- पढऩे में आया है कि प्याज की वर्षाऋतु में होने वाली किस्म तैयार हो चुकी है बीज कहां मिलेगा, बतायें।

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– नारायण पवार, चारगांव, छिंदवाड़ा
समाधान- खरीफ प्याज की खेती कई दशकों से होती आई है महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक इत्यादि अन्य प्रदेशों में भी खरीफ प्याज लगाई जाती है। आपने एग्रीफाउंड डार्क रेड के बीज के बारे में जानकारी चाही है। यहां हम यह भी बताना चाहेंगे कि कृषक जगत द्वारा मसाला फसलों की उत्पादन तकनीकी पर किताब बनी है। जिसमें प्याज पर विस्तार से चर्चा की गई है आप चाहें तो उसे भी बुलवा लें।

  • जातियों में एन 53, एन 2-4-1, एग्री फाउंड, डार्क रेड इत्यादि प्रमुख हैं।
  • खेत की तैयारी अन्य फसलों की तरह ही जाये।
  • प्याज की रोपणी जुलाई-अगस्त में की जाये और मुख्य खेत में एक माह के पौधों को रोपा की जाये।
  • बीज की मात्रा 8-10 किलो/हेक्टर के हिसाब से लगेगी ताकि हेक्टर की पौध 500 वर्गमीटर की नर्सरी से प्राप्त की जा सकती है।
  • नर्सरी में 1 प्रतिशत यूरिया के घोल के छिड़काव में अच्छे पौध प्राप्त किये जा सकते हैं।
  • बीज का उपचार 2 ग्राम थाईरम/किलो बीज से करना जरूरी होगा।
  • 130 किलो यूरिया, 300 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 167 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश/हेक्टर की दर से खेत में डालें।
  • रोपाई के 45 दिन 130 किलो यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करें।
  • उचित जल निथार व्यवस्था बनाये रखें।
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