समस्या-गेहूं की फसल में चिरैया बाजरा हर साल आता है इसके विषय में बतायें तथा गेहूं से अलग पहचान क्या है यह भी बतायें।

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– सुन्दरलाल चौकसे, रायसेन
समाधान- गेहूं के मामा के नाम से जाना-पहचाना यह पौधा गेहूं के पौधे जैसा ही रहता है जो भारी समस्या खड़ी करता है। इसका आगमन गेहूं के बीज के साथ मिल कर हुआ। गेहूं बोने में भी साथ में बुआ  जाता है। गेहूं का अंकुरण 4-5 दिन में हो जाता इसके बीज 15-20 दिनों में अंकुरित हो जाते हैं। पौधों की ऊंचाई 100-110 से.मी. होती है। एक पौधे में 3000 तक बीज हो जाते हैं। गेहूं के पौधों से इसे निम्न आधार पर अलग पहचाना जा सकता है।
चिरैया बाजरा-  

  •  50 दिन के पौधों में नीचे की गांठ का रंग हल्का लाल होता है।
  •  पत्तियों का रंग हल्का हरा होता है।
  •  कल्ले गुच्छों में निकलते हैं।
  •  एक पौधा 2-3 हजार बीज बनाता है।

गेहूं-

  • गेहूं के नीचे की गांठ पीलापन लिये हुए रहती है।
  •  पत्तियों का रंग गहरा हरा रहता है।
  •  कल्ले सीधे निकलते हैं।
  • एक पौधा 100 के करीब बीज बनाता है।
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