रबी फसलों को कीटों से बचायें

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सागर। गत दिनों कृषि विज्ञान केन्द्र, सागर द्वारा ग्राम ऐरन मिर्जापुर में जय किसान जय विज्ञान सप्ताह के अंतर्गत प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को कृषि की विभिन्न उन्नत तकनीकी जैसे मृदा स्वास्थ्य, कीट तथा रोगों का समन्वित नियंत्रण गेहूं में खरपतवार नियंत्रण, चना तथा मसूर में रोग एवं कीटों का नियंत्रण, सरकार की कैशलेस ट्रांजेक्शन योजना एवं फसल बीमा योजना इत्यादि विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी प्रदान की। वैज्ञानिक डॉ. के. एस. यादव एवं डॉ. ए. के.त्रिपाठी तथा आत्मा राहतगढ़ में विषय विशेषज्ञ श्री आशीष पटेल के साथ कृषक अशोक कुशवाहा के प्रक्षेत्र पर अरहर की धारवाड़ पद्धति से लगाई गई फसल के खेत का भ्रमण करते हुए इसके बारे में किसानों को अवगत कराया। वैज्ञानिकों द्वारा मीरखेड़ी तथा खिरिया गांव में लगी फसलों का मैदानी भ्रमण करते हुए तकनीकी सलाह, क्षेत्र के किसानों को दी। जिसके अंतर्गत गेहूं में जड़ माहों में नियंत्रण हेतु क्लोरोपायरीफॉस 1 ली. प्रति एकड़ का उपयोग, मसूर तथा चना में उकठा रोग के नियंत्रण हेतु हेक्साकोनाजोल 200 मि.ली./ एकड की दर से मृदा में ड्रेचिंग करने की सलाह दी गई। खिरिया ग्राम में श्री भगवान सिंह कुशवाहा के यहॉं बगीचे का अवलोकन करते हुए उसके रखरखाव तथा केनॉपी प्रबंधन के बारे में कृषकों को जानकारी दी गई।
के.वी.के. के प्रमुख डॉ. के. एस. यादव द्वारा बताया गया कि सागर जिले में तेवड़ा तथा खेसारी दलहनी फसल को बढ़ावा देने के रूप में काफी स्कोप है । इस फसल को पानी की अत्यंत कम आवश्यकता होती है। इस हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा तेवड़ा की उन्नत किस्मों को प्रदर्शन के माध्यम से प्रसारित की जाने की योजना है। कार्यक्रम में 50 से अधिक कृषकों ने भाग लिया।

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