रबी फसलों को उकटा रोग से बचायें : डॉ. कौशल

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रिलायंस फाउण्डेशन का जागरूकता शिविर

भोपाल। कृषि विस्तार के क्षेत्र में कार्यरत रिलायंस फाउण्डेशन किसानों को तकनीकी एवं जैविक कृषि संबंधी जानकारी देने के लिये जागरूकता शिविर का आयोजन कर रही है।
इसी क्रम में भोपाल जिले के बैरसिया ब्लॉक के बरखेड़ा बरामद तथा शैंजिया ग्राम में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिसमें पूर्व कृषि संचालक व जैविक खेती विशेषज्ञ डॉ. जी.एस. कौशल ने रबी में बोयी जाने वाली फसलें गेहूं, चना, मसूर आदि फसलों के बारे में जैविक विधि से बीजोपचार विशेषकर चना व मसूर में उकटा रोग की समस्या के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि किसान देशी विधि से गौमूत्र 1 ली. चने के दाने के आकार बराबर हींग को अच्छी तरह से गौमूत्र में घोल लें उसके बाद चना व मसूर के बीजों को अच्छी तरह से हाथ से मलते हुए उपचार करें। इसके बाद ट्रायकोडर्मा व राइजोबियम कल्चर से उपचार करें। इस विधि से उकटा रोग की रोकथाम की जा सकती है। साथ में यह भी बताया गया कि जिन खेतों में उकटा रोग की समस्या आती है, उस खेत में एक एकड़ में लगभग 100 किलो सड़ी गोबर की खाद या केंचुआं खाद में 2 किलो ट्रायकोडर्मा विरडी बुवाई से तुरंत पहले खेत में छिड़काव करें। साथ ही गेहूं की सिंचित व असिंचित किस्मों की जानकारी दी गई और किसानों को विशेषकर बताया गया कि किसान किस्म के आधार पर बुवाई करते समय बीजों की गहराई पर ध्यान दें। और प्रति एकड़ अनुशंसित बीज दर का उपयोग करें। रिलायंस फाउंडेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री जगदीश प्रजापति ने बताया कि और अधिक जानकारी के लिये रिलायंस फाउण्डेशन के टोल फ्री नं. 18004198800 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही सुबह 10.30 बजे विविध भारती एफएम भोपाल पर किसान संदेश कार्यक्रम में भी कृषि संबंधी जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं।

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