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मानसून बढ़ रहा प्रदेश की ओर एक सप्ताह देर से पहुंचा केरल

(विशेष प्रतिनिधि)

भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों में, तटीय और दक्षिण कर्नाटक के शेष हिस्सों में, रायलसीमा और तटीय आंध्रप्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है। इसके अलावा मध्य पूर्व बंगाल की खाड़ी और इसके उत्तर-पूर्व के कुछ भागों में और आगे बढ़ा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण- पश्चिम राज्यों के कुछ भागों में मानसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में मानसून 20 जून तक दस्तक दे सकता है।
भारत में बारिश के लिए आमतौर पर जिम्मेदार माने जाने वाले मॉनसून ने एक हफ्ते की देरी से गत 8 जून को केरल के तट पर दस्तक दी थी। मौसम विज्ञान विभाग ने मानसून के पहुंचने की पुष्टि की। केरल के तटीय इलाकों में मानसून मौसम विभाग के अनुमान के एक दिन पहले ही पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने अपने संशोधित अनुमान में कहा था कि मानसून 9 जून को केरल तट पर पहुंचेगा। वैसे मॉनसून आमतौर पर केरल के तट पर 1 जून को पहुंच जाता है। वैसे मौसम विभाग ने गत 15 मई को जारी अपने अनुमानों में ही कह दिया था कि इस बार मानसून 7 जून तक ही पहुंच पाएगा। इस साल मानसून के सामान्य से बेहतर रहने की संभावना जताई गई है। इस बार सामान्य स्तर की 106 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिणी पठार के इलाकों में भारी बारिश होने की उम्मीद है। इसके सही साबित होने पर यह वर्ष 1994 के बाद का सबसे सघन मानसून साबित होगा। इससे भी बड़ी बात यह है कि इस बार मानसून का देश के अधिकांश इलाकों में वितरण अच्छा रहने की संभावना है।

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