भोपाल मंडी में एक दिन किस्मत का मारा, गेहूं बेचारा

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

‘मैं गेहूं हूं।’ किसान की मेहनत, लगन, परिश्रम से पैदा होकर खेत, खलिहान से मंडी होते हुए भूख शांत करता हूं। मैंने किसान का खून -पसीना खेतों में बहता देखा, मंडी में दलालों द्वारा रौंदा गया। ओला, वर्षा, आंधी-तूफान सभी संकटों से होता हुआ कभी कम दाम तो कभी दाम पर राजनीतिक दलों के रोटी सेंकने का माध्यम बना। मैंने पैदा होने से लेकर पेट में जाने तक कई उतार-चढ़ाव देखे। वैज्ञानिकों के शोध से मैंने कई रूपधारण किए एवं अपना परिवार बढ़ाया। मेरे ऊपर राजनीति करने वाले मेरे जन्म से लेकर अंतिम समय तक किसान के प्रति संवेदना रखे क्योंकि उसके हाथों में मेरा एवं सभी का जीवन निर्भर है।
(प्रकाश दुबे)
भोपाल। कृषि उपज मंडी में 6 अप्रैल का दिन प्रमुख था। यहां एक साथ 22 हजार क्विंटल गेहूं एवं 3 हजार क्विंटल अन्य उपज विक्रय के लिए आ गई। परिणाम यह निकला कि गेहूं को ऊंची बोली नहीं मिल पाई। मजबूर कई कृषकों ने समर्थन मूल्य 1450 रु. से नीचे उतर कर लगभग 1200 रु. में अपने माल का विक्रय कर दिया। भोपाल कृषि उपज मंडी 114 एकड़ में फैली, 1200 ट्राली पार्किंग की क्षमता, 70 कृषक के लिए विश्राम गृह, वाय-फाय सुविधा से पूर्ण मंडी में इस दिन किसान को कम दाम मिला, ये विचारणीय है। मंडी में विदिशा जिले के ग्राम बागोद के कृषक श्री सुमेर सिंह 26 क्विंटल गेहूं इस आस से लाये थे कि 1700 रु. प्रति क्विंटल दाम मिलेगा किन्तु व्यापारियों ने उनके गेहूं को 1380 रु. प्रति क्विंटल में खरीदा। इसी तरह कृषक श्री निरंजन सिंह ग्राम वीदपुर मंडी में सुबह 8 बजे से 55 क्विं. गेहूं आयशर गाड़ी में बिक्री के लिए खड़े दोपहर 2 बजे तक इनके गेहूं की नीलामी नहीं हो सकी। ग्राम अगरिया जिला रायसेन के कृषक एक दिन पूर्व सुबह 10 बजे से 30 क्ंिवटल गेहूं मंडी में लेकर पहुंचे उनका अगले दिन सुबह 11 बजे गेहूं 1238 रु. प्रति क्विं. नीलाम हुआ। वहीं रायसेन जिले के कृषक मो. अकरम को 30 क्विं. गेहूं का 6 तारीख को दाम 1300 रु. प्रति क्विंटल मिल रहा था उन्होंने उस दिन विक्रय नहीं किया। अगले दिन भीड़ कम होने से गेहूं का दाम 1498 रु. प्रति क्विं. मिला। एक रात मंडी में गुजारने से इन्हें प्रति क्विंटल 198 रु. प्रति क्विं. का फायदा हुआ। किसान की मेहनत से पैदा गेहूं का दाम किस्मत पर निर्भर हो गया। ऐसी स्थिति में किसान धैर्य रखें एक साथ उपज विक्रय नहीं करें जहां अच्छे दाम मंडी में हो वहीं विक्रय करें। खेतों में गेहूं के अलावा अन्य रबी फसल लगायें जिससे प्राकृतिक आपदा से प्रभावित नहीं हो। सचेत होकर गेहूं का विक्रय बाजार तलाश करें उसके उपरांत ही उपज विक्रय करें।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

two × one =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।