पॉली हाउस से सलामत है रामप्रसाद की खेती

इंदौर। इंदौर-रतलाम हाईवे पर स्थित ग्राम खजूरिया से जब हम गुजरते हैं तो आधुनिक पॉली हाउस लगा खेत नजर आता है। खेती से जुड़ा या इसकी समझ रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस ओर आकर्षित हो जाता है। पॉली हाउस को श्री रामप्रसाद पटेल ने जी-जान लगाकर खड़ा किया है। इजराइल से बीज मंगाए तो सब्सिडी की विनती लेकर कलेक्टर श्रीमती जयश्री कियावत तक भी पहुंचे हैं।
पॉली हाउस का ताजा दम खीरा, स्वाद से भरपूर, देखते ही खाने की ललक पैदा हो जाती है। बात-बात में श्री रामप्रसाद बताते हैं, एक बार तिरुपति स्टील वक्र्स, घाटाबिल्लोद गया था रोटावेटर खरीदने। श्री परमार साहब बोले खेती से धन कमाना है तो पॉली हाउस लगाओ। मैंने भी ठान ली। विपरीत मौसम के चलते आज पॉली हाउस की बदौलत ही मेरी खेती सलामत है और कुनबा पल रहा है।
श्री रामप्रसाद ने खीरा, टमाटर और शिमला मिर्च लगाए हैं। पिछले सीजन में लगभग 5 लाख रुपए का खीरा उन्होंने बेचा है। खीरा दिल्ली, रतलाम, इंदौर, धार के बाजारों में अच्छे दामों पर बिकता है। जब सामान्य खीरा 10 से 12 रु. बिक रहा था, खरीददार उनके पॉली हाउस से सीधे ही 35 रु. प्रति किलो के भाव से खीरा ले गए। इसी तरह 5 से 7 फीट ऊंचे पौधों से प्रति पौधा 100 से 150 शिमला मिर्च निकलती है। उच्च गुणवत्ता होने से 50 रु. (सामान्य भाव 30 रु.) के भाव आसानी से बिक जाती है। इसी तरह उन्होंने लगभग 400 कैरेट टमाटर भी बेचा है।
श्री रामप्रसाद ने खीरे की खेती करने की सोची तो बीज इजराइल से मंगवाया। उद्यानिकी विभाग के श्री नीरज सावलिया के माध्यम से 10 ग्राम बीज मिला। एक पैकेट 5000 रु. में मिलता है। फसल 3 माह में आ जाती है। एक वर्ष में इसे 4 बार लिया जा सकता है। एक बार में 100 से 130 क्विंटल खीरा वे बेच देते हैं। पाली हाउस में 24 बेड बनाए हैं। दो लाइन प्रति बेड यानी 48 लाइनों में पौधे लगे हैं। हर पंक्ति में एक फुट के अंतराल से 40 पौधे लगते हैं।
श्री रामप्रसाद बताते हैं कि पॉली हाउस का तापमान नियंत्रित (लगभग 25 से 35 डिग्री) रखना होता है। आद्र्रता भी (70 प्रतिशत) कम नहीं होने देते। इनको शावर्स के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। शॉवर्स चलते हैं तो सुंदर नजारा होता है, धुंध-सी छा जाती है। समय-समय पर कृषि/उद्यानिकी विषेशज्ञ और वैज्ञानिक आते हैं। उनके निर्देशानुसार फसल पोषण-प्रबंधन किया जाता है। ड्रिप के माध्यम से फिल्टर पानी से सिंचाई करते हैं। घुलनशील खाद, माइक्रो न्यूट्रीएंट्स निर्धारित चार्ट के अनुसार दिए जाते हैं।
कलेक्टर ने दिलाई सब्सिडी
श्री रामप्रसाद बताते हैं, पॉलीहाउस लगाने में उद्यानिकी विभाग का अच्छा मार्गदर्शन मिला, लेकिन काफी समय तक सब्सिडी का मामला उलझा रहा। बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी जब दाल न गली तो कलेक्टर श्रीमती जयश्री कियावत से विनती करने पहुंचा। लगा, जैसे वे मेरी मदद को ही बैठी थीं। तुरंत आदेश निकाला और उद्यानिकी विभाग से मेरे हिस्से की राशि दिलवाई।

7 thoughts on “पॉली हाउस से सलामत है रामप्रसाद की खेती

    • September 29, 2016 at 3:47 pm
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      रामप्रसाद जी बहुत बहुत बधाई हो आपको
      आपका फोन न. दीजिये प्लीज
      या फिर मुझे कांटेक्ट करे
      9981407610
      पर
      धन्यवाद ।

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  • May 6, 2016 at 7:33 pm
    Permalink

    रामप्रसाद जी बहुत बहुत बधाई हो आपको
    आपका फोन न. दीजिये प्लीज
    या फिर मुझे कांटेक्ट करे
    80856-58483 पर
    धन्यवाद ।

    Reply
    • July 25, 2016 at 9:03 am
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      I feel so much happier now I unenastrdd all this. Thanks!

      Reply
  • June 18, 2016 at 12:21 pm
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    रामप्रसाद जी बहुत बहुत बधाई हो आपको
    आपका फोन न. दीजिये प्लीज
    या फिर मुझे कांटेक्ट करे
    96857-42654 पर
    धन्यवाद ।

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