जैविक धान का प्रक्षेत्र प्रदर्शन

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भोपाल। जिले के ग्राम पीपलियाबाजखां के किसान श्री योगेश लोधी के खेत पर शत-प्रतिशत जैविक धान फसल का प्रक्षेत्र प्रदर्शन आयोजित किया गया। श्री लोधी ने 3 एकड़ क्षेत्र में धान की फसल में ट्रॉपिकल एग्रो सिस्टम के जैविक उत्पादों का उपयोग करते हुए जैविक धान का उत्पादन किया है।
प्रक्षेत्र प्रदर्शन में लगभग 40 कृषक, 3 विक्रेताओं के साथ श्री आर.एस. साई आल इंडिया सेल्स कोऑर्डिनेटर, महाप्रबंधक श्री प्रवीण श्रीवास्तव, रीजनल मैनेजर श्री बृजेन्द्र कुमार तिवारी, एरिया सेल्स मैनेजर श्री आशीष शर्मा, डेवलपमेंट आफीसर श्री राजेश शर्मा भी उपस्थित थे। प्रदर्शन के दौरान श्री लोधी ने बताया कि उन्होंने इस फसल में ट्रॉपिकल के नैनोफास, नासा, टेग बायोनिक, नैनोजिंक, टेग फोल्डर, टोपूप, टेगनॉक, टेग बम्पर, नैनो पोटाश, टेग केयर, क्लाउड आदि जैविक उत्पादों का उपयोग किया है। वर्तमान में फसल की स्थिति बहुत ही अच्छी है तथा भरपूर उत्पादन की संभावना है। एक अन्य कृषक श्री प्रभु ने बताया कि उन्होंने गत रबी में गेहूं की फसल में ट्रॉपिकल के उत्पादों का उपयोग किया था जिसके परिणाम स्वरूप उनकी फसल बहुत ही अच्छी हुई।
उन्होंने कहा कि श्री लोधी के धान के खेत की तुलना में अन्य खेतों में, जिनमें रसायन का उपयोग हुआ है, खरपतवार अधिक दिखाई दे रहे हैं। कम्पनी के रीजनल मैनेजर श्री तिवारी ने बताया कि जैविक खेती के प्रति किसानों को जागरुक करने के लिए हम विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न फसलों के इस तरह के प्रक्षेत्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इस क्षेत्र में इस तरह के प्रदर्शनों से प्रभावित होकर क्षेत्र के लगभग 50 प्रतिशत किसान जैविक खेती की तरफ उन्मुख हुए हैं।
श्री साईं एवं श्री श्रीवास्तव से गत वर्ष गेहूं में ट्रॉपिकल के उत्पादों का उपयोग करने वाले किसानों ने बताया कि जैविक गेहूं का उत्पादन तो भरपूर हुआ ही साथ ही स्वयं के अनुभव से उन्होंने पाया कि इस गेहूं की रोटी भी स्वादिष्ट व अच्छी बनती है। उन्होंने बताया कि इन खेतों में गेहूं के बाद धान की फसल भी और अधिक अच्छी हो रही है। किसानों ने चर्चा में बताया कि इसमें रसायनिक खेती की तुलना में खर्च भी कम आया है अर्थात् लाभ की शुरुआत खर्च से ही आरंभ हो गई। गांव के किसानों ने इस वर्ष और अधिक क्षेत्र में ट्रॉपिकल के उत्पादों के साथ जैविक खेती का इरादा जताया।

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