जैविक खेती अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन लें किसान भाई : श्री चर्मकार

Share

जिले में जैविक प्रमाणीकरण पर संगोष्ठी संपन्न 

बुरहानपुर। जनपद पंचायत बुरहानपुर के सभागृह कक्ष में गत दिनों जैविक प्रमाणीकरण प्रक्रिया हेतु किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से संगोष्ठी संपन्न हुई। इस दौरान मध्य प्रदेश राज्य जैविक प्रमाणीकरण संस्था के प्रबंध संचालक श्री आर.एस.चर्मकार ने विस्तृत रूप से जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी।
उन्होनें बताया कि प्रमाणीकरण कराने के पश्चात जैविक प्रमाणीकरण बोर्ड के अधिकारी किसानों के खेत में जाकर निरीक्षण करते हैं। तीन वर्ष बाद किसान के खेत को पूर्ण रूप से जैविक प्रक्षेत्र घोषित किया जाता है। जैविक प्रमाणीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद किसान दुनिया के किसी भी कोने में अपना जैविक फसल का उत्पादन बेचने के लिये स्वतंत्र होता है। उन्होनें कृषकों से कहा कि जैविक प्रमाणीकरण कराने के लिये 1500/-रूपये प्रति हैक्टेयर शुल्क लिया जाता है।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री किशोर पाटील, श्री नामदेव पाटील उप संचालक कृषि श्री एम.एस.देवके, परियोजना संचालक आत्मा श्री राजेश चतुर्वेदी, उद्यान उपसंचालक कु. शानु मेश्राम, श्री आर.एस. तोमर, कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ.अजितसिंह सहित बुरहानपुर विकासखण्ड के 100 से अधिक उन्नतशील कृषक उपस्थित रहे। संगोष्ठी में कृषि समिति अध्यक्ष श्री गुलचंदसिंह बर्ने ने किसानों से आव्हान किया कि बड़े कृषक भाई अपने खेतो में कम से कम 2 से 3 एकड़ भूमि में जैविक अवश्य करें।

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.