जनेकृविवि में सोयाबीन की खेती में जापान व ब्राजील की तकनीकी प्रयोग पर ब्रेन स्ट्रॅार्मिंग कार्यशाला सम्पन्न

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जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के संचालनालय अनुसंधान सेवाएं सभागार में विगत दिवस देश के कृषि वैज्ञानिकों, कृषि नीति निर्धारक अधिकारियों तथा कृषि विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जापान अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी के अंतर्गत मध्यप्रदेश में सोयाबीन उत्पादन बढ़ाने हेतु संचालित परियोजना के तहत जापान तथा ब्राजील देशों का भ्रमण कर वहां पर उपलब्ध उन्नत कृषि उत्पादन तकनीकी का अवलोकन एवं अध्ययन कर अपने अनुभवों का लाभ देश के सोयाबीन उत्पादक राज्यों के कृषि विकास एवं विस्तार अधिकारियों तक पहुंचाने की दृष्टि से एक दिवसीय ब्रेन स्ट्रॅार्मिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष कुलपति प्रो. विजय सिंह तोमर ने में देश में सोयाबीन उत्पादन एवं समस्याओं को रेखांकित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. केन तानिवाकी, प्रमुख सलाहकार, जायका, जापान, डॉं. अनुपम बारिक, अपर आयुक्त (तिलहन), नेश्नलन मिशन ऑन ऑइलसीड तथा आईल पाम, कृषि, सहकारिता एवं कृषक कल्याण मंत्रालय, डॉं. एस.एस. तोमर, संचालक अनुसंधान सेवाऐं, डॉं. एस.के. राव, राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इन्दौर के प्रमुख वैज्ञानिक डॉं. संजय गुप्ता, संचालक, दलहन विकास, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार डॉं. ए.के. तिवारी, अटारी जबलपुर के निदेशक डॉं. अनुपम मिश्रा, जायका मुख्यालय के प्रतिनिधि डॉं. सुब्रतो तोलुकदार ने तकनीकी सुझाव रखे। विषयवस्तु विशेषज्ञ डॉं. ए.एन. श्रीवास्तव द्वारा किस्म विकास कार्यक्रम, डॉं. शरद तिवारी द्वारा जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान, डॉं. एस.बी. दास एकीकृत कीट प्रबंधन एवं डॉं. अमित झा द्वारा सोयाबीन में मशीनीकरण पर प्रेजेंटेशन दिया।  कार्यक्रम का संचालन कीट वैज्ञानिक डॉं. मोनी थामस एवं आभार प्रदर्शन प्रमुख वैज्ञानिक डॉं. ए.एन. श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

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