घरेलू नुस्खे पुदीना के औषधीय उपचार

Share

धनिया, सौंफ व जीरा समभाग में लेकर उसे भिगोकर पीस लें। फिर 100 ग्राम पानी मिलाकर छान लें। इसमें पुदीने का अर्क मिलाकर पीने से उल्टी का शमन होता है। पुदीने के पत्तों को पीसकर शहद के साथ मिलाकर दिन में तीन बार चाटने से अतिसार से राहत मिलती है। तलवे में गर्मी के कारण आग पडऩे पर पुदीने का रस लगाना लाभकारी होता है। हरे पुदीने की 20-25 पत्तियां, मिश्री व सौंफ 10-10 ग्राम और काली मिर्च 2-3 दाने इन सबको पीस लें और सूती, साफ कपड़े में रखकर निचोड़ लें। इस रस की एक चम्मच मात्रा लेकर एक कप कुनकुने पानी में डालकर पीने से हिचकी बंद हो जाती है। ताजा-हरा पुदीना पीसकर चेहरे पर बीस मिनिट तक लगा लें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। हरा पुदीना पीसकर उसमें नींबू के रस की दो-तीन बूंद डालकर चेहरे पर लेप करें। कुछ देर लगा रहने दें। बाद में चेहरा ठंडे पानी से धो डालें। कुछ दिनों के प्रयोग से मुंहासे दूर हो जाएंगे तथा चेहरे की कांति खिल उठेगी। पुदीने का सत निकालकर साबुन के पानी में घोलकर सिर पर डालें। 15-20 मिनिट तक सिर में लगा रहने दें। बाद में सिर को धो लें। इस प्रयोग के करने से बालों की जुएं मर जाएंगी।

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.