इस वर्ष सोयाबीन बीज मिलेगा सस्ता

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(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल।
म.प्र. सरकार ने इस वर्ष खरीफ 2015 के लिये सोयाबीन एवं धान बीज की दरों में कमी की है। इस वर्ष किसानों को सोयाबीन बीज 5300 रु. प्रति क्विंटल मिलेगा जबकि गत वर्ष इसकी कीमत 6600 रु. प्रति क्विं. थी। इस वर्ष 1300 रु. प्रति क्विंटल की कमी की गई है। इसी प्रकार खरीफ की दूसरी प्रमुख फसल धान बीज की दरों में भी 1500 रु. प्रति क्विंटल की कमी की गई है। इस वर्ष धान बीज 3700 रु. प्रति क्विंटल किसानों को मिलेगा जबकि गत वर्ष 5200 रु. प्रति क्विंटल मिला था। किसानों को सोयाबीन बीज की समस्त किस्मों पर 600 रु. प्रति क्विंटल तथा धान बीज पर 1000 रु. प्रति क्विंटल अनुदान दिया जाएगा जो सीधे किसानों के खाते में जमा होगा। इस वर्ष किसानों के लिये सोयाबीन बीज की उपार्जन दर 4000 रु. प्रति क्विं. तथा धान बीज की उपार्जन दर 2400 रु. प्रति क्विंटल तय की गयी है।
गत दिनों कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों की उपार्जन एवं विक्रय दरें तय की गई है। बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक धान सुगंधित किस्मों का बीज 3700 रु. प्रति क्विं. मिलेगा जबकि गत वर्ष 2700 से 5200 रु. प्रति क्विं. मिला था। वहीं इस वर्ष धान बीज की उपार्जन दर बोनस सहित 1600 से 2400 रु. प्रति क्विं. तय की गई है। इसी प्रकार मक्का 3000 रु. प्रति क्विं., अरहर 8700 रु. प्रति क्विं. एवं तिल की समस्त किस्मों का बीज 15000 रु. प्रति क्विं. कृषकों को मिलेगा जबकि गत वर्ष मक्का 3000 रु., अरहर 7400 रु. एवं तिल का बीज 11000 रु. प्रति क्विं. किसानों को उपलब्ध कराया गया था। खरीफ की अन्य सभी फसलों के बीजों की उपार्जन एवं विक्रय दरें तय कर दी गई हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि संस्था द्वारा किसानों को बीजों का विक्रय सकल विक्रय दर पर किया जाएगा तथा योजना के अनुसार अनुदान की राशि किसानों के खातों में सीधे जमा करायी जाएगी।
बैठक में लिए गए अन्य निर्णयों के अनुसार मूंग के लिए निर्धारित की गई दरें ग्रीष्मकालीन मूंग में उपार्जित किए गए बीजों पर भी लागू होगी। नगद बीज की मात्रा का इंद्राज कृषक की बही या ऋण पुस्तिका में करना अनिवार्य होगा। संस्थाओं के पास उपलब्ध प्रमाणित बीज का अधिकतम 30 प्रतिशत बीज संस्थाएं नगद में विक्रय कर सकेंगी।

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