सोयाबीन प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण सम्पन्न

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रीवा। गतदिनों को सोयाबीन प्रसंस्करण विधि प्रर्दशन अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन कृषि महाविद्यालय रीवा में किया गया जिसमें प्रशिक्षणार्थी के रूप में महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी ब्लाक के परियोजना अधिकारी पर्यवेक्षक व कार्यकर्ता उपस्थित रहें । प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सोयाबीन व उससे बनने वाले उत्पादों का उपयोग किया जाना ताकि कुपोषण को रीवा जिले से मुक्त किया जा सके । कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस. के. पाण्डे द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया । कार्यक्रम में प्रोफेसर ए.एस. चौहान एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर.के. तिवारी भी उपस्थित रहें। कार्यक्रम संचालक डॉ. सी. जे. सिंह रहे । प्रशिक्षणर्थियों द्वारा सोयाबीन प्रसंस्करण पद्धति सीखी गयी । सोयाबीन से दूध, दही, पनीर का निर्माण किया गया और साथ ही सोयाबीन से बने कई व्यंजन जैसे कि हलवा, मुगौङी, सेव, नमकीन, पूडी, लड्डू आदि तैयार किये गये सोया पनीर से चिली पनीर बनायी जो अति आर्कषक व स्वादिष्ट बनी । कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर (श्रीमती) निर्मला सिंह डॉक्टर राजेश सिंह, डॉ. बृजेश कुमार तिवारी. डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. श्रीमती किंजल्क सिंह, डॉ. ए.के. पटेल, डॉ. के.एस. बघेल, डॉ. संजय सिंह, श्री एम.के. मिश्रा एवं श्री ओम साकेत के द्वारा कार्यक्रम में भाग लिया गया।
कार्यक्रम का समापन प्रोफेसर एम.ए. आलम कृषि महाविद्यालय द्वारा किया गया। सुश्री खुशबू अग्रवाल परियोजना अधिकारी नईगढ़ी रीवा ने बताया कि इस संपूर्ण प्रशिक्षण का लक्ष्य रीवा जिले को कुपोषण मुक्त बनाना है।

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