अमानक आदान विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करें : श्री सिंह

इंदौर। गत दिनों कमिश्नर श्री राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में संभागीय कार्यालय में कृषि, उद्यानिकी, खाद्य एवं सहकारिता विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कमिश्नर श्री सिंह ने इंदौर संभाग में कृषि विभाग के अधिकारियों को अमानक खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि इंदौर संभाग कृषि प्रधान संभाग हैं। राज्य शासन किसानों के हित के लिए कृत-संकल्पित हैं। कृषि विभाग के अधिकारी ध्यान रखें कि किसानों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होने पाए। उन्हें खाद, बीज, कीटनाशक समय पर मिले। चना, मसूर और सरसों की समर्थन मूल्य की राशि किसानों के खातों में शीघ्रातिशीघ्र अंतरित की जाए। कमिश्नर ने कहा कि इंदौर जिले में खाद, बीज की लगभग 700 दुकानें हैं। कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी क्षेत्र का दौरा कर अपनी ओर से की गई कार्रवाई से कमिश्नर कार्यालय को अवगत कराए। किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकी जानकारी और पशु-पालन/उद्यानिकी की ओर प्रवृत्त कर उन्हें नगदी फसल के लिए प्रेरित किया जाये, ताकि खेती को लाभ धंधा बनाया जा सके।
बता दें कि कतिपय दुकानदारों द्वारा अमानक कीटनाशक एवं अनुपयोगी टॉनिक आकर्षक पैकिंग में बेचा जा रहा है। इस बारे में कृषक जगत को यह भी शिकायत मिली है, कि कतिपय विक्रेताओं द्वारा किसानों को उनके द्वारा खरीदी गई आदान सामग्री का जीएसटी वाला पक्का बिल नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में अब देखना यह है कि कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी कमिश्नर के आदेश का कितना पालन करवाते हैं। स्मरण रहे कि पिछले दिनों कतिपय दुकानदारों द्वारा अमानक कृषि आदान सामग्री बेचने का मुद्दा कृषक जगत ने प्रमुखता से उठाया था। पिछले दिनों खरगोन जिले के जलूद में एक व्यक्ति को नकली और अमानक दवाई सस्ते में बेचते हुए विभागीय अधिकारियों ने पकड़ कर मामला मंडलेश्वर थाने को सौंपा था। इस बारे में उप संचालक कृषि खरगोन श्री एम.एल. चौहान ने कृषक जगत को बताया कि अमानक और नकली कृषि सामग्री के लिए पूरे जिले में निरन्तर निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक दो दुकानदारों के लायसेंस निलंबित किये गए हैं।
बैठक में संभाग में शत-प्रतिशत बोनी होने की जानकारी देने के साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 723 करोड़ रूपये बांटे जाने की प्रक्रिया जारी रहने, संभाग में 3 लाख 35 हजार मैट्रिक टन उर्वरक का वितरण होने और यूरिया और डीएपी खाद का पर्याप्त भण्डारण होने की भी जानकारी दी गई।
बताया गया कि किसानों को प्याज और लहसुन के लिए प्याज पर 400 रूपये प्रति क्विंटल और लहसुन पर 800 रूपये प्रति क्विंटल की दर से 9 हजार प्याज उत्पादकों और 10 हजार लहसुन उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। बैठक में संभाग के जिला, संभागीय स्तर के कृषि और उद्यानिकी और पशुपालन अधिकारियों ने भाग लिया।

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