जब प्याज पर पड़ा पानी, तब सरकार ने सुनी कहानी

www.krishakjagat.org

भोपाल। जब पूरा प्रदेश किसानों के असंतोष की आग में झुलस रहा था, तो सरकार राजधानी में उपवास कर अग्निशमन सेवा कर रही थी। पर संवाद नहीं था। एकालाप था। किसानों को शांत करने के कई निर्णय हुए, जो ढोंग ठहराए गए। खैर बीते माह जो खेती-किसानी में हुआ, उस पर कई ग्रंथ, महाकाव्य रचे गए और किसान पुत्र मुख्यमंत्री के माथे ठीकरे फोड़े गये। पर किसानों से बातचीत किसी ने नहीं की। दिखावे बहुत हुए।

www.krishakjagat.org
Read more
Share