सिंजेंटा का कृषक प्रशिक्षण

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इंदौर। सिंजेंटा कंपनी के तत्वाधान से देवास जिले के भोरासा गांव में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के लगभग 15 गाँव के 200 प्रगतिशील किसान शामिल थे। इस कार्यक्रम का विषय सोयाबीन की उन्नत खेती कैसे की जाय था। सिंजेंटा के एग्रोनोमिस्ट श्री पार्थ यादव ने बताया कि सोयाबीन की शुरुआती 30 दिन की अवस्था में खरपतवार और कीट (गर्डल बीटल, इल्ली व कुछ रसचूसक कीट) यदि नियंत्रित नहीं किये गए तो उपज में लगभग 70 प्रतिशत का नुकसान हो सकता है। इन दोनों समस्याओं से निपटने के लिए सिंजेंटा का खरपतवारनाशक फ्यूसीफ्लेक्स और कीटनाशक अलीका के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी गयी। डेमो प्लाट के माध्यम से किसानों को दिखाया गया कि किस प्रकार फ्यूसीफ्लेक्स संकरी व चौड़ी पत्ती के खरपतवारों को बड़ी ही तेजी से नियंत्रित करता है और फसल की वृद्धि को भी नहीं रोकता। भोरासा गांव के प्रगतिशील किसान श्री प्रेमनारायण ने बताया कि उन्होंने अपने सोयाबीन में फ्यूसीफ्लेक्स और अलीका का प्रयोग बुवाई के 14 दिन बाद किया था जब चारा 3-4 पत्ती की अवस्था पर था और खेत में पर्याप्त नमी थी। उन्होंने बताया कि जिस तेजी से फ्यूसीफ्लेक्स ने चारे का नियंत्रण किया वो तारीफ के योग्य था और अलीका की वजह से उनकी फसल हर प्रकार के कीट से मुक्त है। सिंजेंटा की तरफ से किसानों को फ्यूसीफ्लेक्स के सैंपल भी दिए गए।

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