भूसा समेटने की मशीन

जुगाड़ से बनाई

कहते हैं ‘कृषक स्वयं ही अविष्कारक है’ किंतु यह सही है कि कृषक का सबसे अधिक समय खेत पर ही बीतता है। उसके मनमानस में खेती के प्रति नित नये-नये विचार, समस्या, समाधान आते रहते हैं। ऐसे में उसे अविष्कारक मानना सही साबित होगा। ऐसे ही युवा अविष्कारक श्री मुकेश धनगर पिता श्री जगदीश चन्द्र धनगर ने ऐसी जुगाड़ तैयार की है। जिसमें थ्रेशर से निकला भूसा सीधे ट्रॉली में एकत्र हो जायेगा। नीमच जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम चैनपुरा के श्रीधनगर 10वीं तक शिक्षित हैं स्वयं की 50 बीघा भूमि पर भिन्न-भिन्न फसल लगाते हैं। इस वर्ष उन्होंने 18 बीघा क्षेत्र में गेहूं लगाया। इसकी कटाई उपरांत थ्रेशर से निकालने से भूसा जमीन पर एकत्र होना है उस भूसे को ट्राली में एकत्र करने के लिये 300/- रु. प्रति ट्रॉली मजदूरों को देना पड़ता है। मजदूरों की समस्या एवं भूसा एकत्र पर आर्थिक व्यय से विचलित श्री धनगर ने ऐसी जुगाड़ की जिससे पूरा 31 ट्रॉली भूसा आसानी से ट्रॉली में एकत्र हो गया। लगभग 10000/-रु. में मच्छर जाली 10 फीट लम्बी 6 फीट चौड़ी ट्राली के ऊपर लोहे के पटिये लगाये उसके ऊपर फ्रेम पर मच्छर जाली को कसा गया जिससे भूसा एकत्र होकर सम्पूर्ण ट्रॉली में समा जाता और ट्रॉली भराजाती है। ऐसी जुगाड़ से श्री महेश धनगर ने लगभग 30000 रुपये की भूसा समेटने में बचत की है। अन्य जानकारी कृषक श्री मुकेश धनगर पिता श्री जगदीश चंद्र धनगर के मो. : 8839367734 पर ले सकते हैं।

www.krishakjagat.org
Share