अच्छे दामों की आस में – सोयाबीन ने बुवाई लक्ष्य पार किया

अब तक 129 लाख हे. में हुई खरीफ बोनी

(अतुल सक्सेना)

भोपाल। मानसून की अनुकूलता एवं अन्नदाता की लगातार मेेहनत से प्रदेश में खरीफ बोनी पूरी होने वाली है। राज्य में सोयाबीन की बोनी 53 लाख हेक्टेयर पार कर गई है जो निर्धारित लक्ष्य का 115 फीसदी है। यह संभव हुआ है बेहतर मानसून एवं अच्छे दाम की आस में। क्योंकि चीन को सोयाबीन निर्यात करने की जब से पहल की गई है केन्द्र सरकार ने सोयाबीन के निर्यात पर दी जाने वाली 7 प्रतिशत की प्रोत्साहन राशि को 3 फीसदी बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया है। इससे किसान की उत्सुकता बढ़ गई है कि इस वर्ष सोयाबीन की अच्छी कीमत मिलेगी जिससे उसकी आय में इजाफा होगा।

प्रदेश में अब तक लगभग 129 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में बोनी कर ली गई है जबकि लक्ष्य 131.96 लाख हेक्टेयर रखा गया है। गत वर्ष इस समय तक 109.28 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई थी। अब तक राज्य के 22 जिलों में सामान्य से अधिक, 26 जिलों में सामान्य एवं मात्र 3 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। कृषि विभाग के मुताबिक राज्य में खरीफ फसलों का सामान्य क्षेत्र 118.50 लाख हे. है। इस वर्ष 131.96 लाख हे. में खरीफ फसलें लेने का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरुद्ध 24 जुलाई की स्थिति में 129.11 लाख हेक्टेयर में बोनी कर ली गई है जो लक्ष्य के विरूद्ध 97 फीसदी है। गत वर्ष इस अवधि में 109.28 लाख हे. में बोनी हुई थी।
राज्य की प्रमुख तिलहनी फसल सोयाबीन का रकबा इस वर्ष लक्ष्य को पार कर गया है। अब तक 53.18 लाख हे. में बोनी हो गई है जबकि लक्ष्य 46.05 लाख हे. रखा गया था। गत वर्ष इस समय तक सोयाबीन की बोनी 45.46 लाख हेक्टेयर में हुई थी। अन्य तिलहनी फसलों में मूंगफली की बोनी 2.09 लाख हे. में एवं तिल की बुवाई 4.41 लाख हेक्टेयर में की गई है।
अनाज फसलों के तहत आने वाली राज्य की दूसरी प्रमुख खरीफ फसल धान की बोनी 19.66 लाख हे. में हो गई है। जबकि गत वर्ष इस अवधि में धान 13.20 लाख हे. में बोई गई थी। इस वर्ष लक्ष्य की तुलना में धान की बोनी लगभग 3 लाख हे. कम है। जिसके शीघ्र पूरी होने की उम्मीद है। अन्य अनाज फसलों में अब तक ज्वार बोनी 2.51 लाख हे. में, मक्का 13.02, बाजरा 2.23 एवं कोदो कुटकी की बोनी 1.80 लाख हे. में हुई है। दलहनी फसलों की बेानी अब तक 23.04 लाख हे. में की गई है। इसमें मुख्यत: तुअर की बेानी 6.25 लाख हे. में, उड़द 14.55 एवं मूंग की बोनी 2.10 लाख हेक्टेयर में की गई है।
जानकारी के मुताबिक राज्य में अब तक कुल अनाज फसलों की बोनी 39.23हेक्टेयर में, दहलनी फसलों की 23.04 लाख हे. में एवं तिलहनी फसलों की 59.95 लाख हे. में बुवाई हुई है। इसके साथ ही कपास की बोनी 6.88 लाख हे. में की गई है जो निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 109 फीसदी है। राज्य में संभागों की स्थिति देखें तो सबसे अधिक नर्मदापुरम संभाग में लक्ष्य के विरुद्ध 113 फीसदी और सबसे कम शहडोल संभाग में लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 81 फीसदी फसलें बोई गई हैं।
सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले – जबलपुर, मण्डला, दमोह, टीकमगढ़़, उमरिया, इंदौर, झाबुआ, खण्डवा, उज्जैन, नीमच, रतलाम, शाजापुर, भिण्ड, आगर-मालवा, मुरैना, शिवपुरी, गुना, दतिया, सीहोर, होशंगाबाद, रायसेन और राजगढ़।
सामान्य वर्षा वाले जिले – बालाघाट, छिन्दवाड़ा, कटनी, सिवनी, सागर, पन्ना, नरसिंहपुर, सीधी, छतरपुर, सिंगरौली, सतना, शहडोल, अनूपपुर, धार, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, मंदसौर, देवास, श्योपुरकलां, ग्वालियर, भोपाल,विदिशा, हरदा, बैतूल और अशोकनगर।
कम वर्षा वाले जिले – अलीराजपुर, डिण्डोरी और रीवा।

प्रदेश में बुवाई स्थिति 
24 जुलाई 2018 तक (लाख हे. में) 
फसल लक्ष्य बुवाई
धान 22.5 19.66
ज्वार 2.75 2.51
मक्का 13.5 13.02
बाजरा 3.15 2.23
तुअर 7.1 6.25
उड़द 18.1 14.55
मूंग 2.5 2.1
सोयाबीन 46.05 53.18
मूंगफली 2.6 2.09
तिल 4.3 4.41
कपास 6.28 6.88

 

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