सोयाबीन की उन्नत खेती हेतु महत्वपूर्ण सुझाव

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सोयाबीन की उन्नत खेती हेतु महत्वपूर्ण सुझाव

  • खेती उपयुक्त जमीन में ही करें ।
  • ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई करें ।
  • मृदा परीक्षण कर प्रमुख एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा का पता लगायें।
  • 5 टन प्रति हे. के हिसाव से गोबर खाद या कम्पोस्ट या 5 टन बारीक कचरा और 5 टन कम्पोस्ट का उपयोग करें । गंधक एवं जस्ते की कमी को पूरा करें।
  • खेत में जल निकास एवं सिंचाई की समुचित व्यवस्था करें ।
  • बुवाई 25 जून से 7 जुलाई तक करें।
  • हल्की से मध्यम भूमि में कम अवधि की तथा मध्यम से भारी भूमि में मध्यम अवधि की किस्में लगायें।
  • एक से अधिक किस्मों को लगायें ।
  • बोनी हेतु स्वस्थ, सुडौल, साफ एवं 70 प्रतिशत से अधिक अंकुरण क्षमता वाला बीज प्रयोग करें ।
  • बीज दर 60 – 80 किलोग्राम प्रति हे. उपयोग करें ।
  • आवश्यक पौध संख्या 4-6 लाख प्रति हे. के मध्य रखें।
  • नींदा, रोग एवं कीट व्याधियों का सही समय पर, सही दवा तथा सही विधि द्वारा नियंत्रण करें।
  • फसल कटाई समय से करें।
  • सोयाबीन के साथ अरहर, मक्का, ज्वार, कोदो, कुटकी की अंतरवर्तीय फसल लगायें। द्य उचित फसल चक्रअपनायें।
  • कृषक स्वयं उन्नत बीज उत्पादित करें।
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