दुकानदारों की मनमानी, किसानों की बनी परेशानी

इंदौर। इन दिनों खरीफ की फसल की सुरक्षा के लिए किसान, कीटनाशक एवं अन्य आदान सामग्री की खरीदी के लिए दुकानों पर ग्राहकी चल रही है,जहाँ कतिपय दुकानदारों की अनियमितताएं भी सामने आ रही है। कहीं किसानों को कच्चा बिल दिया जा रहा है, तो कहीं जीएसटी के बजाय पुराना टिन नंबर का बिल दिए जाने की भी शिकायत मिली है।

मिसाल के तौर पर सीतामऊ के पास के ग्राम जाकली के किसान भेरूसिंह ने सीतामऊ के एक दुकानदार से रघुवीर ब्रांड की मक्का बोने के लिए खरीदी थी जिसका बीज ही अंकुरित नहीं हुआ। उसे फिर से बोवनी करनी पड़ी। जिसमें उसे दोहरा खर्च उठाना पड़ा। यह तो एक बानगी है। यदि पूरे राज्य की बात करें तो कृषि आदान की बिक्री में और भी कई नियमों का उल्लंघन कर दुकानदार अपनी मनमानी कर लेता है.जिसमें भाव, गुणवत्ता और सामग्री में किसान को समझौता करना पड़ता है। जिसका खामियाजा फसल के असफल रहने या कीटनाशक के अप्रभावी होने पर किसान को भुगतना पड़ता है। कच्चा बिल या अमान्य बिल दिए जाने से किसान शिकायत भी नहीं कर सकता, क्योंकि पक्का बिल नहीं होने से उपभोक्ता फोरम या कोर्ट में मामला टिक नहीं पाता और संबंधित किसान मन मसोस कर रह जाता है। वहीं सरकार को भी टैक्स नहीं मिलने से घाटा होता है।

दरअसल इन कृषि सामग्री विक्रेताओं को भी संबंधित कंपनियों की ओर से न केवल आकर्षक कमीशन, बल्कि इंसेंटिव, इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे लेपटॉप, वाशिंग मशीन या अन्य सामग्री के अलावा विदेश यात्राओं का भी प्रलोभन दिया जाता है। जिसे पाने के लिए यह दुकानदार अपने निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा बिक्री करने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वे सही-गलत सभी तरीके इस्तेमाल करते हैं। जिसमें शिकार बनता है निर्दोष किसान। नि:संदेह इस गड़बड़झाले में कृषि विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध रहती है।

इसी सिलसिले में पिछले दिनों इंदौर संभागायुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कलेक्टर कान्फ्रेंस की बैठक में संभाग के जिला कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में संभागायुक्त श्री सिंह ने खरीफ फसल के लिए किसानों द्वारा की जा रही खरीदी को लेकर संभाग में खाद-बीज, कीटनाशी औषधि आदि कृषि आदानों की गुणवत्ता की जाँच के लिए सघन अभियान चलाने और दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए थे।

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