सीड प्लस के बीजोपचार से फसलें स्वस्थ

इंदौर। रोगमुक्त फसल पाने के लिए बुवाई से पहले बीजों का उपचार करना जरुरी होता है। यूँ तो देश में बीजोपचार की कई दवाई कंपनियां हैं, लेकिन अमेरिकी प्रतिष्ठित कम्पनी साइटोजाइम के सीड प्लस के बीजोपचार से फसल का न केवल अंकुरण अच्छा हुआ, बल्कि फसल भी स्वस्थ है। यह कहना है ग्राम लिम्बोदा जिला उज्जैन के किसान श्री संदीप आंजना का। उन्होंने बताया कि इस खरीफ सत्र में उन्होंने सोयाबीन के बीजों को सीड प्लस से उपचारित किया था। इसका नतीजा यह रहा कि अंकुरण अच्छा होने के साथ ही पौधे की जड़ें भी गहरी मिली और नूडल्स भी ज्यादा है। स्वस्थ पौधे अच्छी वृद्धि कर रहे हैं। फिलहाल फसल की अच्छी हालत को देखते हुए अच्छे उत्पादन का अनुमान है।

इसी तरह उज्जैन जिले के ही ग्राम निनोरा के किसान श्री राजेंद्र राठौर ने भी सीड प्लस से सोयाबीन बीजों का उपचार कर बुवाई की थी। अंकुरण अच्छा होने से पौधों का तना भी मोटा हुआ और शाखाएं भी ज्यादा निकली। श्री राठौर ने प्रयोग के तौर पर अन्य कम्पनी के बीजोपचार उत्पाद का प्रयोग अपने ही खेत के दूसरे हिस्से में किया था। लेकिन तुलनात्मक रूप से सीड प्लस उपचारित बीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा पाई गई। इसके अलावा इनके खेत में पिछली बार कम्पनी द्वारा लगाए गए लहसुन के प्लाट के नतीजे भी बढिय़ा रहे थे। लहसुन की गुणवत्ता अच्छी होने के साथ ही कली बड़ी और गांठें वजनदार रही थी। अन्य लहसुन फसल से तुलना करने पर सीड प्लस वाली लहसुन का वजन 1200 से 1500 ग्राम वजन ज्यादा पाया गया था।

वहीं करीब 200 बीघा जमीन के मालिक गुनावा के किसान श्री राजेश आंजना ने पिछले साल आलू की फसल ली थी, जबकि इस साल 40 बीघा में सोयाबीन लगाई जिसका बीजोपचार अन्य कम्पनी के उत्पाद के अलावा सीड प्लस से किया गया। इसमें अंकुरण अच्छा पाया गया और जड़ों की गांठें भी सघन है। 79 दिन के हो चुके रोग रहित स्वस्थ पौधे परिपक्वता की ओर अग्रसर हैं। अच्छे उत्पादन की उम्मीद की जा रही है।

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