विभाग ने उद्यानिकी बीज लायसेंस लेना अनिवार्य किया

कृषक जगत की खबर का असर
विभाग ने उद्यानिकी बीज लायसेंस लेना अनिवार्य किया 

इंदौर : देर आय, दुरुस्त आय. आखिर मप्र सरकार के उद्यानिकी विभाग ने अब कृषि आदान विक्रेताओं के लिए उद्यानिकी उत्पाद बेचने के लिए लायसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है..इस मामले को कृषक जगत ने गत 23 जुलाई के अंक में उठाया था जिस पर उद्यानिकी विभाग ने संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया है.

आयुक्त उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी मप्र, भोपाल के पत्र क्रमांक 7641 , दिनांक 2 /8 /2018 में 5 जनवरी 2007 में प्रकाशित अधिसूचना में उद्यानिकी फसलों के लिए लागू अनुज्ञापन का अधिकारियों द्वारा अनुपालन नहीं किए जाने को लेकर बरती जा रही उदासीनता पर नाराजी व्यक्त करते हुए कड़े निर्देश दिए गए हैं, कि अब कोई शिथिलता न बरती जाए और निरीक्षण प्रतिवेदन हर माह की 5 तारीख को संचालनालय भेजना सुनिश्चित करें.

अब उद्यानिकी उत्पादों के बीज विक्रय हेतु विक्रेताओं के लिए अनुज्ञप्ति यानी लायसेंस ऑन लाइन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.संबंधित दुकानदारों को जिला कार्यालय में आवेदन करना होगा और अपनी बिक्री को मासिक प्रतिवेदन में भेजना होगा.इस प्रक्रिया के आरम्भ हो जाने से न केवल व्यवसाय में पारदर्शिता आएगी, बल्कि गुणवत्तायुक्त उद्यानिकी बीज की बिक्री सुनिश्चित हो सकेगी. अनुज्ञप्ति के मापदंडों के अनुरूप अधिकारी दुकानों /फार्मो का भी निरीक्षण करेंगे.निरीक्षण के दौरान यदि कोई व्यापारी बगैर लायसेंस के उद्यानिकी उत्पादों की बिक्री करते पाया जाएगा तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी.

गौरतलब है कि ‘कृषक जगत’ ने गत 23 जुलाई के अंक में लम्बे अर्से से सुषुप्तावस्था में पड़े इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सवाल किया था कि बगैर लायसेंस के बिके उद्यानिकी उत्पादों की गुणवत्ता की जिम्मेदारी आखिर किस विभाग की रहेगी और गुणवत्ताहीन सामग्री की बिक्री से किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई आखिर कैसे होगी? विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर -उज्जैन संभाग के 15 जिलों में से उज्जैन संभाग के 7 जिलों में उद्यानिकी बीज विक्रेताओं की संख्या 1089 है , लेकिन मात्र 219 ने ही लायसेंस लिए हैं.जबकि इंदौर संभाग के 8 जिलों में कुल 1473 उद्यानिकी बीज विक्रेताओं में से सिर्फ 949 ने ही लायसेंस लिए हैं. यहां यह उल्लेख प्रासंगिक है कि उद्यानिकी लायसेंस के संबंध में व्यापारियों द्वारा कोर्ट से स्थगन आदेश लेने की बात कही गई थी, लेकिन मध्य प्रदेश बीज एवं कीटनाशक विक्रेता संघ के अध्यक्ष श्री दिलीप बाकलीवाल ने बताया कि इस मामले में इंदौर उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश नहीं दिया था. यह मामला न्यायालय में अभी भी लंबित है.

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