पीढ़ी दर पीढ़ी की किस्मों को सहेजें

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पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण

धार। कृषि विज्ञान केन्द्र धार में 21 फरवरी को पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम 2001 अंतर्गत कृषक प्रशिक्षण एवं जागरुकता कार्यक्रम अध्यक्षता डॉ. वी.के. स्वर्णकार, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, इन्दौर, की एवं श्री जगदीश जाट, जिला अध्यक्ष, किसान मोर्चा, धार के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में डॉ. जगदीश सिंह, प्राध्यापक, कृषि महविद्यालय, इन्दौर, डॉ. सुनील होल्कर, वैज्ञानिक, कृषि महाविद्यालय, इन्दौर, श्री महेश ठाकुर, जिला अध्यक्ष किसान संघ, धार, श्री पी.एल. साहू, उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, धार, श्री एस.एस. चौहान, परियोजना संचालक आत्मा धार, श्री के.एस. मंडलोई उपसंचालक, धार तथा जिलें के प्रगतिशील कृषक जन प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में केन्द्र प्रमुख डॉ. के. एस. किराड़ ने कहा कि इस जागरुकता कार्यक्रम के तहत किसान अपनी विशेष प्रजातियां जिसे उन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी लगाकर संजोकर रखी है, को कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से रजिस्ट्रेशन हेतु पौधा किस्म संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली भेज सकते है।
तकनीकी सत्र में केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ जी. एस. गाठिये ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विभिन्न प्रजातियों के पंजीयन के मापदण्ड, नियम, आवेदन की प्रक्रिया, आवेदन शुल्क पंजीयन के पश्चात मिलने वाली राशि आदि के बारे में क्रमवार बताया एवं इस दौरान किसानों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. जे. एस. राजपूत, श्री मण्डलोई, डॉ गुन्जा वास्केल का विशेष योगदान रहा। आभार डॉ जी. एस. गाठिये ने माना।

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