चार हजार करोड़ से अधिक की तीन सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

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भोपाल। मुख्यमंत्री  श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में गत दिनों प्रदेश की तीन सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। चार हजार सत्रह करोड़ रूपये से अधिक की राशि से बनने वाली इन परियोजनाओं से एक लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई सुविधाएँ मिलेंगी और 819 गाँवों की 12 लाख आबादी को पेयजल प्रदान किया जा सकेगा।
मंत्रि-परिषद ने बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउदेश्यीय परियोजना के लिये 3735.90 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना से सागर जिले की खुरई, मालथौन और बीना तहसील के 296 ग्रामों की 90 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि रबी सिंचाई से लाभांवित होगी।
मंत्रि-परिषद ने आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना के लिये 165.08 करोड़ की  स्वीकृति प्रदान की। इससे खंडवा जिले के 21 गांवों का 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र रबी सिंचाई से लाभांवित होगा।
इसी क्रम में हिरवार सूक्ष्म सिंचाई नहर परियोजना के लिए 116.78 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से शहडोल जिले की ब्योहारी तहसील के 49 गाँव को 7 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी तथा 3100 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ सिंचाई का लाभ मिलेगा।

समय पर पूरा करें सिंचाई परियोजनाओं का काम
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिनों यहां मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बाणसागर, महान, पेंच, बारना परियोजनाओं के अंतर्गत चल रही छोटी नहर एवं उद्वहन परियोजनाओं के प्रत्येक आयाम की समीक्षा करते हुए समय पर पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर पानी देना सबसे बड़ी प्राथमिकता और जिम्मेदारी है। सिंचाई परियोजनाओं को प्रदेश की समृद्धि का आधार स्तंभ बताते हुये उन्होंने कहा कि सिंचाई से ही खेतों और किसानों के जीवन में समृद्धि आई हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण की गति बढ़ायें जिससे सभी सिंचाई परियोजनाओं से रबी-2017 में पानी मिलने लगे।
बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, प्रमुख सचिव जल संसाधन श्री पंकज अग्रवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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