राष्ट्रीय कृषि बाजार में कृषि उत्पादों का विक्रय

  • किसान अपनी उपज की कीमत की जानकारी एगमार्क नेट वेबसाइट पर या किसान कॉल सेंटर अथवा एसएमएस के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
  • अपनी आवश्यकता अनुसार उपलब्ध एसएमएस को देखें और सूचना प्राप्त करें।
  • वेबसाइट पर क्रेता विक्रेता उपलब्ध हैं।
  • फसल की कटाई और गहाई उचित समय पर की जानी चाहिए।
  • उचित कीमत की बिक्री से पहले उचित ग्रेडिंग, पैकेजिंग और लेबलिंग की जानी चाहिए।
  • उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए उचित बाजार, मंडी में बिक्री करनी चाहिए।
  • मजबूरन बिक्री से बचने के लिए किसान उपज के भंडारण के लिए शीत भंडारण और गोदाम बना सकते हैं।

राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम)
कृषि विपणन स्थानों में प्रवेशक के सुधार के उद्देश्य से और किसानो को अधिकतम लाभ देने के लिए पूरे देश में कृषि जिंसों को ऑनलइन विपणन को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार ने दिनांक 01 – 07 -2015 को राष्ट्रीय कृषि बाजार को कार्यान्वयन के लिए एक योजना अनुमोदित की है, इस योजना के अंतर्गत सभी 250 नियमित बाजारों में यथोचित समान्य ई-मार्केट प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया गया है, जिससे ऑनलाइन ट्रेडिंग करने ई-परमिट जारी करने और ई-भुगतान आदि करने के साथ – साथ बाजार के सम्पूर्ण कार्य के डिजिटलाइजेशन को प्रोत्साहित किया जा सके, इसके साथ-साथ सूचना विषमता को दूर करने, लेने-देने प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने पूरे देश के बाजारों में पहुंच आसान बनाने में इससे सहायता मिलेगी।
अब तक 10 राज्यों में आंध्रप्रदेश (12), छत्तीसगढ़ (5), गुजरात (40), हरियाणा (37), हिमाचल (20), राजस्थान (11), तेलंगाना (44), और उत्तरप्रदेश (66), ई-एनएएम पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया, योजनाओं की विस्तृत जानकारी डब्लूडब्लूडब्लू.इनाम गवर्नमेंट.इन पर उपलब्ध है।
किसान उत्पादक संगठन में किसान कैसे सम्मिलित हों
किसानों का एक समूह जो वास्तव में कृषि उत्पादक कार्य में लगा हो और जो कृषि व्यवसायिक गतिविधियां चलने में एक जैसी धारणा रखते हो, एक गांवों को सम्मिलित कर एक समूह बना सकते हैं और सांगत कंपनी अधिनियम के अधीन एक किसान उत्पादन कंपनी के पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हं।ै
किसानों को लाभ –

  • यह एक शक्तिशाली संगठन होने के कारण किसान उत्पादक संगठन के सदस्य के रूप में किसानों को बेहतर सौदेबाजी करने की शक्ति देगी जिसे उन्हें जिन्सों को प्रतिस्पर्धा मूल्यों पर खरीदने या बेचने का लाभ मिल सकेगा।
  • बेहतर विपणन सुअवसरों के लिए कृषि उत्पादों का एकीकरण, बहुलता में व्यापार करने से प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन इत्यादि मदों में होने वाले संयुक्त खर्चों से किसानों की बचत कर सकते हैं।
  • किसान उत्पादक संगठन मूल्य संवर्धन के लिए छटाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्राथमिक प्रसंस्करण इत्यादि जैसी गतिविधियां शुरू कर सकता है, जिससे किसानों के उत्पादन को अधिक मूल्य मिल सकता है।
  • किसान उत्पादक संगठन के गठन से ग्रीनहाउस, कृषिवानिकी, शीत भंडारण, कृषि प्रसंस्करण इत्यादि जैसे कटाई पूर्व और कटाई पस्चात संसाधनों के उपयोग सुविधा।
  • किसान उत्पादक संगठन आदान भण्डारों, कस्टम केंद्रों इत्यादि को शुरू कर अपनी व्यवसायिक गतिविधियों को विस्तारित कर सकते हैं।

 

  • नरेश कुमार
  • चंद्रेश धुर्वे
    email : ghritlahrenaresh@gmail.com

www.krishakjagat.org

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share