भविष्य में आधुनिक कृषि यंत्रों की भूमिका महत्वपूर्ण

www.krishakjagat.org

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय स्थित बायो फर्टिलाईजर सेन्टर सभागार में ”दलहनी फसलों के उत्पादन में कृषि यंत्रीकरण’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. एस. कोटेश्वर राव ने किया। विशिष्ट अतिथि कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय भोपाल के निदेशक श्री राजीव चौधरी थे। श्री चौधरी ने कहा यदि हम सभी मिलकर संयुक्त रूप से कृषकों के हित में आधुनिक कृषि यंत्रों का सृजन करें तो अति लाभदायक होगा।
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. विजय सिंह तोमर ने कहा कि आज की खेती परम्परागत हल बखर से होती हुई रोबोट और ड्रोन तक जा पहुंची है। खेती में बहुत तेजी से बदलाव हो रहे हैं, इसलिये जलवायु परिवर्तन के अनुसार आधुनिक कृषि यंत्रों का निर्माण करना होगा। इसके साथ ही अच्छे उत्पादन हेतु उन्नत किस्मों और मिट्टी की गुणवत्ता व ताकत के संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। इस मौके पर नवनियुक्त कुलपति एवं संचालक विस्तार सेवायें डॉ. पी.के. बिसेन, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉं. पी.के. मिश्रा, संचालक अनुसंधान सेवायें एवं शिक्षण डॉं. धीरेन्द्र खरे, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. (श्रीमती) ओम गुप्ता एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉं. अतुल श्रीवास्तव आदि मंचासीन थे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉं. शीला पांडे एवं आभार प्रदर्शन डॉ. आर.के. नेमा, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय ने किया।

FacebooktwitterFacebooktwitter
www.krishakjagat.org
Share