रिलायंस फाउंडेशन वॉयस मैसेज बदली खेती की तकनीक, मिला लाभ

सीहोर। रिलायंस फाउंडेशन के वॉयस मैसेज से मिली जानकारी से अपनी खेती में तकनीकी बदलाव करके जिला सीहोर के ग्राम पिपलिया मीरा के किसान श्री राधेश्याम मेवाड़ा अब अधिक लाभ कमा रहे हैं। प्रगतिशील कृषक श्री मेवाड़ा का मानना है कि मौसम में बदलाव के अनुसार खेती की तकनीक में परिवर्तन भी आवश्यक है। अपने यही विचार वे अपने युवा बच्चों के साथ भी बांटते थे, जो खेती में उनका सहयोग करते हैं। इस तरह की चर्चा अन्य किसानों के साथ करने के दौरान वे रिलायंस फाउंडेशन के सम्पर्क में आये। बच्चों के मोबाइल पर फाउंडेशन के खेती से संबंधित वॉयस मैसेज आने लगे। फाउंडेशन के अधिकारियों व वैज्ञानिकों से संपर्क के बाद उन्होंने वॉयस मैसेज द्वारा दी गई जानकारी को अपनाना प्रारंभ किया। इस सलाह के अनुसार उन्होंने इस खरीफ सीजन में 8 एकड़ में मक्का की बोवनी मेड़ पद्धति से की। गत वर्ष इन्होंने 3 एकड़ में मक्का बोई थी जिसमें लगभग 10 क्विं. प्रति एकड़ उत्पादन मिला था। नई तकनीक अपनाने से इस वर्ष उन्हें लगभग 13 क्विं. प्रति एकड़ उत्पादन मिला। इस तरह उन्हें 8 एकड़ में गत वर्ष की तुलना में लगभग 23-24 क्विं. अधिक उत्पादन मिला। इसी तरह अरहर में भी उन्होंने बीज प्रबंधन से लेकर कीट प्रबंधन तक वॉयस मैसेज की सलाहनुसार किया।
फलस्वरूप उन्हें उम्मीद है कि अरहर का उत्पादन भी गत वर्ष की तुलना में दोगुना प्राप्त होगा। अब श्री मेवाड़ा व उनके बच्चे फाउंडेशन के वॉयस मैसेज की सलाह की चर्चा अन्य किसानों के साथ भी करते हैं और उन्हें प्रेरित करते हैं कि वे भी सलाहनुसार किया। फलस्वरूप उन्हें उम्मीद है कि अरहर का उत्पादन भी गत वर्ष की तुलना में दोगुना प्राप्त होगा। अब श्री मेवाड़ा व उनके बच्चे फाउंडेशन के वॉयस मैसेज की सलाह की चर्चा अन्य किसानों के साथ भी करते हैं।

 

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