खेती की लागत कम करें

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होशंगाबाद जिले की किसान संगोष्ठी सह-तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम पवारखेड़ा में मुख्य अतिथि डॉ. सीतासरन शर्मा अध्यक्ष म.प्र. विधानसभा द्वारा किसानों से वर्तमान में कम पानी की स्थिति में वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार चना, मसूर, सरसों, फसलों को अधिक मात्रा में बोने एवं कम पानी में तैयार होने वाली गेहूं किस्मों की बोनी करने की सलाह दी गई। साथ ही खेती की लागत कम करते हुए खेती को लाभप्रद बनाने की सलाह किसानों को दी गई।
कृषि वैज्ञानिकों की सराहना


विधानसभा अध्यक्ष श्री शर्मा ने कृषि विभाग द्वारा जिले में पहली बार पर्याप्त मात्रा में कम पानी में तैयार होने वाली गेहूं की प्रजनक बीज किस्म जे.डब्ल्यू.-3288, जे.डब्ल्यू. 3211, एम.पी.-1201, एम.पी. -1202, एम.पी. -1203 आदि किसानों को उपलब्ध कराने पर प्रसन्नता व्यक्त की। आपने जिले में कृषि विभाग तथा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए किसानों के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत अध्यक्ष श्री कुशल पटेल ने किसानों से कम पानी की स्थिति पानी रोकने, बोरी बंधान करने एवं समुचित जल प्रबंधन की सलाह किसानों को दी। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि कलेक्टर श्री अविनाश लावनिया ने किसानों को नरवाई में आग न लगाने एवं स्वायल हेल्थ कार्ड की अनुशंसा अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी।

  • नरवाई न जलाएं-  श्री लवानिया, कलेक्टर 
  • कम वर्षा में चना तथा कम पानी में तैयार होने वाली गेहूं की किस्में लगाएं – डॉ. डी.के. पहलवान
  • कम पानी में भी भरपूर उत्पादन देने वाली गेहूं  किस्में उपलब्ध – डॉ. पी.सी. मिश्रा 
  • दलहनी फसलों का रकबा बढ़ाएंगे – जितेन्द्र सिंह, उप संचालक

कार्यक्रम को श्री पीयूष शर्मा सदस्य परामर्श मंडल कृषि विकास समिति ने भी सम्बोधित किया।
सभी फसलों के पर्याप्त बीज
कार्यक्रम के प्रारंभ में उपसंचालक कृषि श्री जितेन्द्र सिंह द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य बताते हुए जिले में दलहन फसलों चना, मसूर का क्षेत्र बढ़ाने तथा सभी फसलों के बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता सभी विकासखंडों में सुनिश्चित कराना बताया।
कम पानी वाली गेहूं की किस्में


कार्यक्रम जोनल कृषि अनुसंधान केंद्र पवारखेड़ा के सह-संचालक डॉ. पी.सी. मिश्रा द्वारा किसानों को वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए सलाह दी कि किसानों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। कम पानी में तैयार होने वाली गेहूं की कई किस्में जैसे (एक पानी में तैयार होने वाली किस्म- जे डब्ल्यू-3020, दो पानी में तैयार होने वाली किस्म- जे.डब्ल्यू. 3288, जे. डब्ल्यू. 3211, जे.डब्ल्यू.3336, एच.आई 1544, जे.डब्ल्यू2173, तीन पानी में तैयार होने वाली किस्में- जे.डब्ल्यू. 1201, जे.डब्ल्यू. 1202, जे. डब्ल्यू. 1203, एच.आई.1544 साथ ही पोषक तत्वों से परिपूर्ण एम. डी. यू.-1232, (पास्ता के लिए उपर्युक्त) इन सभी किस्मों के बीज कृषि विश्वविद्यालय/जोनल अनुसंधान केन्द्र पवारखेड़ा एवं कृषि विभाग के पास उपलब्ध हैं। किसान भाई अपने पानी की उपलब्धता अनुसार इन किस्मों की बोनी कर 40-50 क्विं.प्रति हे. की उपज प्राप्त कर सकते हैं।
बीजोपचार कर बोनी करें
कृषि महाविद्यालय पवारखेड़ा के डीन डॉ. डी.के. पहलवान ने किसानों से कम वर्षा की स्थिति में गेहूं के स्थान पर चना फसल को प्रमुखता से लगाने की सलाह दी। साथ ही मसूर, सरसों एवं अलसी की खेती कम पानी के लिये लाभकारी बताया। उन्होंने कहा किसान भाई जितने क्षेत्र में गेहूं की बोनी करते थे वर्तमान में पानी की उपलब्धता अनुसार आधे रकबा में कम पानी में तैयार होने वाली गेहूं की बोनी करें शेष आधे रकबे में चना, मसूर, सरसों की बोनी कर उतना ही लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
जैविक खेती करें किसान
नरसिंहपुर जिले के जैविक विशेषज्ञ कृषक श्री ताराचंद वेलजी भाई ने किसानों को जैविक खेती अपनाने पर अपने अनुभव बताए।
कार्यक्रम में श्रीमती जानकी बाई मंडी अध्यक्ष होशंगाबाद, श्री शंभू पटेल जनपद सदस्य श्री लीलाधर राजपूत अध्यक्ष रा. किसान मजदूर संघ, श्री नरेन्द्र सिंह सोलंकी, श्री अनिल बुंदेला, उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. शुक्ला, संचालक उद्यानिकी, श्री उइके, कृषक प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य श्री माहोर, कृषि वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहे। कार्यक्रम संचालन श्री राजेश चौरे एवं आभार श्री एम.एल. दिलवारिया परियोजना संचालक आत्मा द्वारा दिया गया।

प्रगतिशील कृषक
 विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा
 होशंगाबाद में 24 सितम्बर 1950 को जन्में डॉ. सीतासरन शर्मा 14वीं विधानसभा के अध्यक्ष हैं। एम.बी.बी.एस., एल.एल.बी. तक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले डॉ. शर्मा मूलत: किसान हैं और मुख्यत: उनका व्यवसाय खेती है।
डॉ. शर्मा ने समाज-सेवा एवं राजनीति में विशेष रूचि के कारण विभिन्न पदों पर कार्य किया है। डॉ. शर्मा 1977 में जनता पार्टी से जुडऩे के पश्चात भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और सबसे पहले वर्ष 1990 में नौंवी विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। वर्ष 1993 में 10वीं विधानसभा के दूसरी बार सदस्य निर्वाचित हुए। डॉ. शर्मा वर्ष 1998 में ग्यारहवीं विधानसभा के तीसरी बार सदस्य निर्वाचित हुए। आठ दिसम्बर, 2013 में चौदहवीं विधानसभा के चौथी बार सदस्य निर्वाचित होने के बाद डॉ. शर्मा को 9 जनवरी, 2014 को सर्व-सम्मति से विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया।

 जिले में चना एवं गेहूं के ब्रीडर सीड का भण्डारण, किसान भाई जल्दी करें उठाव 

 जिले में इस वर्ष कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार जिले में चना , मसूर एवं कम पानी में तैयार होने वाली गेहूं के प्रदर्शन के लक्ष्य जिले को पर्याप्त संख्या में प्राप्त हुए हैं । जिन किसान भाईयों को चना, मसूर एवं गेहूं की बोनी करनी है वे तत्काल अपने विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर चना, मसूर एवं गेहूं के प्रदर्शन प्राप्त करें। यह प्रदर्शन प्रथम आयें प्रथम पायें के आधार पर उपलब्ध होंगे।

 कम पानी में तैयार होने वाले गेहूं जेडब्ल्यू 3288 एवं जेडब्ल्यू 3211 का ब्रीडर सीड जिले के किसानों के लिए पहली बार उपलब्ध : डॉ. डी.के. पहलवान

चना में जेजी-63 एवं जाकी-9218, जेजी-130 किस्मों के बीज, मसूर में जेएलएस-81 एवं गेहूं में जेडब्ल्यू-3288, 3211 एचआई-1544, एमपी-1203 , आरव्हीडब्ल्यू-410 आदि किस्में उपलब्ध है।

 चना प्रदर्शन हेतु किसान भाई वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से प्राप्त करें बीज : उप संचालक कृषि

ब्रीडर सीड उपलब्ध- जिले में पहली बार किसानों के लिए कम पानी में तैयार होने वाली जेडब्ल्यू 3288, 3211 जो दो पानी में भी 45 क्विंटल प्रति हेक्टर की उपज देती है , का ब्रीडर सीड जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर से किसानों को विक्रय करने हेतु उपलब्ध कराया गया है, जो वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय होशंगाबाद एवं सिवनीमालवा में उपलब्घ है, इसकी कीमत 6345 रूपये प्रति क्विंटल है । इसी प्रकार चना जेजी-63, 322 का ब्रीडर सीड 10800 रू./ क्विंटल की दर पर किसानों को विक्रय हेतु उपलब्ध है। साथ ही गेहूं एमपी 1203 एवं चना जेजी-322 का ब्रीडर सीड जोनल कृषि अनुसंधान केन्द्र पवारखेड़ा में भी किसानों को विक्रय हेतु उपलब्ध है । श्री जितेन्द्र सिंह उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले मे समस्त विकासखंड वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय तथा सहकारी समितियों में प्रमाणित गेहूं (जीडब्ल्यू 322, 366, 273, पीव्हीडब्ल्यू-502, एमपी-1203, एचआई 1544, 3211, 3288 एवं चना जेजी 63, 322, जाकी 9218, जेजी 130) बीज का भण्डारण कराया गया है ।

 फसल   दर
 गेहूं (बोनी जाति) सिंचित  3000/- प्रति क्विंटल
 चना  7500/- प्रति क्विंटल
 मटर  4000/- प्रति क्विंटल
 मटर (अर्किल)  5000/- प्रति क्विंटल
 मसूर  6000/- प्रति क्विंटल
 सरसों  6000/- प्रति क्विंटल
 अलसी  6300/- प्रति क्विंटल

उपरोक्ताुनसार फसलों के बीज पर बीज वितरण अनुसार अधिकतम 2 हेक्टर बीज की मात्रा पर प्रति हितग्राही के मान से अनुदान नियमानुसार देय होगा ।

 किसान भाई इन विकासखंडों पर संपर्क कर सकते हैं

श्री आर.एल.जैन            होशंगाबाद          8109949697          श्री बी.एस.तोमर          9893403538

श्री संजय पाठक            सिवनीमालवा     9926766027          श्री एच.एस.सराठे         9009887161

श्री एस.बी.मालवीय      केसला                 8839673764          श्री राजेन्द्र ठाकुर         9827341246

श्री ए.के.राजपूत           बाबई                   9827327163           श्री ललित दुबे              9827863630

श्री आर.पी.अटारे         सोहागपुर             9425420225          श्री एस.बी.चौहान         9425476928

श्री एस.एस.कौरव       पिपरिया               9753969665          श्री एम.एस. रघुवंशी      9425693356

श्री के.एस.गुर्जर          बनखेड़ी                9425475506          श्री आर.के.बसेडिया       9406945007

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