सर्वाधिक मिट्टी परीक्षण नमूने लाने वाले आरएइओ सम्मानित होंगे

(रामस्वरूप लौवंशी)
होशंगाबाद। जिले में मिट्टी परीक्षण की सुविधा होने के बावजूद प्रयोगशालाओं में पर्याप्त नमूने परीक्षण के लिये नहीं भेजे जा रहे हैं। सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी 15 दिन मेंं 300 मिट्टी परीक्षण के नमूने प्रस्तुत करें। समय सीमा में लक्ष्य की पूर्ति नहीं करने वाले कर्मचारी की नौकरी सुरिक्षत नहीं होगी। किसानों को कृषि विभाग के मैदानी कार्यकर्ता और किसान मित्र किसान दीदी के सहयोग की बहुत आवश्यकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य अपराध होगा। यह बात जिला कलेक्टर श्री अविनाश लावनिया ने जिला स्तरीय रबी इंटरफेस कार्यशाला प्रशिक्षण केंद्र पवारखेड़ा में कही।
कलेक्टर ने कहा कि नरवाई जलाना अपराध है अनाज देने वाली धरती माता में आग लगाकर हम माटी की उर्वरा शक्ति नष्ट कर रहे हैं। यदि नरवाई जलाने की प्रक्रिया बंद नहीं हुई तो कुछ ही सालों में पूरी जमीन बंजर हो जाएगी। नरवाई जलाना एक सामाजिक अपराध है। कार्यशाला में कलेक्टर ने कहा कि सभी किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अपनी फसल का बीमा अवश्य कराएं। यदि बैंक में किसी एक फसल के लिए प्रीमियम दे दिया हो तो किसान एक आवेदन बैंक में देकर अपनी बीमित फसल को बदलवा सकता है। इसके लिए सभी बैंकों को निर्देश दे दिए गए हैं। किसान मित्र किसान दीदी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी इसकी जानकारी किसानों को दें। बीमा में प्रीमियम परिवर्तन 15 जनवरी से पहले आवश्यक रूप से संशोधन कराएं। इसके लिये प्रत्येक विकासखंड में संगोष्ठी आयोजित कर किसानों को जानकारी दें। उपसंचालक कृषि ग्रामवार अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर फसल बीमा की कार्यवाही निश्चित करें। जिससे किसान को संकट के समय किसी तरह की परेशानी न हो। भावांतर भुगतान योजना पर कलेक्टर ने कहा यह योजना किसानों को उनकी फसल को सही मूल्य दिलाने के लिये लागू की गई है। योजना में पंजीयन से वंचित किसान 25 नवम्बर तक पंजीयन करा सकते हैं। इस योजना के लिये 16 से 31 अक्टूबर तक के विभिन्न फसलों के मॉडल रेट घोषित कर दिए गए है। 25 नवम्बर के बाद किसानों के खाते में भावांतर की राशि जमा होना शुरू हो जाएगी।
कार्यशाला में कृषि उपसंचालक श्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि खेती की नवीनतम तकनीकी जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिये लगातार प्रशिक्षण आयोजित किये जा रहे हैं। इस वर्ष लगभग 40 हजार मिट्टी परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। किसान इसका लाभ लें। कम सिंचाई में अच्छा उत्पादन देने वाली गेहूं की किस्में लगाएं।
कार्यशाला में परियोजना संचालक ‘आत्मा’ श्री एम.एल. दिलवारिया ने कहा कि मिट्टी परीक्षण के सर्वाधिक नमूने लाने वाले ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को गणतंत्र दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा।

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