सुरजना के पौधे आंगन में लगाएं

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इंदौर। प्रदेश में पचास प्रतिशत से अधिक किशोरी बालिकाओं और महिलाओं में हिमोग्लोबीन अर्थात् खून की कमी की समस्या है। इस बीमारी से बचने के लिये संतुलित भोजन के साथ सुरजना का भोजन में उपयोग किया जाये तो खून की कमी को जल्दी दूर किया जा सकता है। कुपोषण की समस्या से निजात पाने में भी सुरजना एक महत्वपूर्ण पौधा सिद्ध हो सकता है। क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय, इंदौर द्वारा पोषाहार सप्ताह के तहत महू तहसील के ग्राम तिनछा और बसी पीपरी गांव में आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों में ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि वे अपने घर के आसपास खाली जगह में सुरजना और आंवला के पौधे जरूर लगायेंगी। ग्राम पंचायत बडग़ौदा के सचिव हरीसिंह गुर्जरन ने आश्वासन दिया कि वे सुरजना और आंवला के पौधे उपलब्ध करवायेंगे।
प्रदर्शनी और जनसंवाद के जरिये क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय के सहायक निदेशक श्री मधुकर पवार ने कार्यक्रम में मौजूद किशोरी बालिकाओं और महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने घरों के पास खाली जमीन पर पालक, मेथी, धनिया, मिर्च तथा अन्य सब्जियों के पौधे लगायें ताकि उन्हें जैविक सब्जियां प्राप्त हो सके। क्षेत्रीय प्रचार सहायक किशोर गाठिया ने आभार माना

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