केन्द्र सूखे के लिये धनराशि उपलब्ध कराए – मुख्य सचिव की केन्द्रीय सूखा राहत दल से चर्चा

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भोपाल। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने गत दिनों मंत्रालय में केन्द्रीय सूखा राहत दल से प्रदेश में सूखे की स्थिति के संबंध में विस्तृत चर्चा की। श्री सिंह ने इस अवसर पर बताया कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है। प्रदेश में पानी रोको अभियान के अंतर्गत बहुत सारी संरचनाएं निर्मित की गयी हैं। मुख्य सचिव ने प्रदेश के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए भारत सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने तथा मनरेगा में अतिरिक्त काम की स्वीकृति की आवश्यकता बताई।
केंद्रीय सूखा राहत दल प्रमुख श्री पी.के. बोरठाकुर ने कहा कि प्रदेश के जिलों में सूखे की स्थिति चिंताजनक है। पेयजल की स्थिति ज्यादा गंभीर है। पेयजल की व्यवस्था एवं तैयारियों की जरुरत है। फसल बीमा का लाभ समय से किसानों को मिल सके, इसके लिए भी व्यवस्थाएं की जाना चाहिए।
अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री राधेश्याम जुलानिया ने कहा कि मनरेगा में राशि उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी का भुगतान नहीं हो पा रहा है। नये कार्यों को कराना भी संभव नहीं हो पा रहा है। प्रमुख सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि फसल बीमा योजना में किसानों को राशि शीघ्रता से मिल सके, इसकी व्यवस्था की जा रही है।
प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरुण पाण्डे ने बताया कि प्रदेश में सूखे की स्थिति के आकलन के लिए आए दस सदस्यीय केंद्रीय सूखा राहत दल ने विभिन्न जिलों का भ्रमण किया। भारत सरकार कृषि मंत्रालय में केन्द्रीय संयुक्त सचिव श्री पी.के. बोरठाकुर ने विदिशा, टीकमगढ़ तथा अन्य दो उप समूहों ने क्रमश: सागर, दमोह तथा ग्वालियर, शिवपुरी जिलों का भ्रमण किया। केन्द्रीय सूखा राहत दल ने जिलों में खेतों का भ्रमण कर फसलों को हुई हानि की जानकारी ली। दल ने तालाब, कुएं, हेण्डपंप देखे, जिनमें से अधिकांश सूख चुके हैं। दल ने पंचायत सदस्यों, सहकारी समिति के सदस्यों, किसानों एवं मजदूरों से भेंट कर सूखे की जानकारी ली।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री मलय श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 ग्वालियर जिले में किसानों से चर्चा करते हुए सूखा दल के अधिकारी।
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