समस्या- हम खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन भी करना चाहते हैं इसके लिये बक्से इत्यादि कहां मिलेंगे तथा ट्रेनिंग कहां मिलेगी।

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नारायण पवार, चारगांव, छिंदवाड़ा
समाधान– खेती के साथ मधुमक्खी पालन कार्य आज की आवश्यकता तथा कम खर्च में अधिक पैसा कमाने का जरिया हो सकता है। मधुमक्खी पालन का सबसे उपयुक्त समय शरद काल है। खेतों में फूल ही फूल उपलब्ध रहते हैं। सूर्यमुखी तथा सरसों के साथ मधुमक्खी पालन सरलता से किया जा सकता है। सूर्यमुखी को तो मधुमक्खी से बहुत लाभ होता है क्योंकि मधुमक्खी उसके फूलों में परागीकरण क्रिया को आसान बनाती है और अधिक दाने बनाने में सहायक होती है। मधुमक्खी पालन के लिये आपको ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) लेना होगा। प्रशिक्षण के दौरान आपको उपयोगी समान बक्से इत्यादि जहां भी उपलब्ध होंगे उनकी सम्पर्क पते आपको दिये जायेंगे। आप निम्न पते पर सम्पर्क करें-

  • डॉ. राजेश वर्मा
    फल एवं सब्जी अनुसंधान उपकेन्द्र, ईंटखेड़ी बैरसिया रोड, भोपाल, मो. : 9754628510, फोन : 0755-2854340
  • डॉ. सुरेन्द्र पन्नासे
    कृषि विज्ञान केन्द्र चंदनगांव, फार्म ज.ने.कृ.वि.वि. छिंदवाड़ा
    फोन : 07162-225463, मो. : 9425844883
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