समस्या- असिंचित गेहूं की बुवाई अभी करना चाहता हूं कृपया मार्गदर्शन के साथ अच्छे उत्पादन के लिये सुझाव दें?

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समाधान- प्रदेश में करीब 60-65 प्रतिशत क्षेत्र में वर्षा आधारित गेहूं की फसल ली जाती है कृषकों द्वारा छोटी-छोटी गलतियों के चलते उत्पादन कम होता है। आप गेहूं लगायें परंतु अभी इसके बोने के लिये उपयुक्त तापमान नहीं हो पाया है। अच्छे उत्पादन के लिये आप निम्र करें।

  • वर्षा के हल्के-फुलके झल्ले वर्तमान के आ रहे हैं ये झल्ले भूमिगत नमी को बनाये रखने/ बढ़ाने में बहुत उपयोगी हैं।
  • आप सतत खेत में बखर/ पाटा करके भूमि में नमी को संजो कर रखें ध्यान रहे अच्छी नमी ही अच्छा अंकुरण देती है। और अच्छा उत्पादन तभी संभव है।
  • बंडों में रखे अनाज को बीज बनाये छनाई/छटाई करके कूड़ा-कचरा अलग करके अच्छा दाना निकालें इसके उपरांत 2 ग्राम थाईरम प्रति किलो बीज का उपचार अनिवार्य रुप से करे। घर में रखे देशी घी यदि जमने लगे तो समझें उचित तापमान आ गया है। इस वर्ष की स्थिति में यह समय दीवाली के आसपास आ सकता है। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से गेहूं को छोड़कर अन्य जिन्सों की बुआई पूरी कर लें।
  • उर्वरक का उपयोग अवश्य करें 87 किलो यूरिया, 125 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 17 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति हेक्टर की दर से बीज के नीचे डालें। मिश्रण कदापि नहीं किया जावे।

जगमोहन चौधरी, विदिशा

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