समस्या- अरहर (तुअर) की फसल हरी फली के लिये लेते हैं परंतु फसल में उकठा रोग लग जाता है, कृपया निदान बतायें।

समस्या- अरहर (तुअर) की फसल हरी फली के लिये लेते हैं परंतु फसल में उकठा रोग लग जाता है, कृपया निदान बतायें।

समाधान– अरहर में उकठा रोग मुख्य रूप से फ्यूजेरियम यूडम नामक फफूंदी से होता है। जो भूमिजनित रहती है।

  • इसका प्रकोप बुआई के चार से छ: सप्ताह बाद ही आरंभ हो जाता है।
  • इसका प्रकोप काली मिट्टी में लाल मिट्टी की अपेक्षा अधिक होता है।
  • इसके प्रकोप से बचने के लिए कम बीज को कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम प्रति किलो बीज से उपचारित कर बोये।
  • खेत में ट्राइकोडरमा विरडी फफूंद के 1 किलो को 20 किलो खाद में मिलाकर प्रति एकड़ के मान से मिट्टी में मिला दें।
  • खेत में फास्फोरस को सुपर फास्फेट के रूप में देने से इसके प्रकोप में अधिकता देखी गई है।
  • अरहर के साथ ज्वार को अंतरवर्तीय फसल लेने से इसके प्रकोप में कमी आती है।
  • 3-4 वर्ष तक अरहर के स्थान पर ज्वार या तम्बाकू की फसल लें।
  • अरहर की एन.पी. (डब्ल्यू.आर.) 15,16 व 62, आई.सी.पी.एल 7336 व 8863 जातियों में इसका प्रकोप कम होता है।

नारायण पवार, ग्रा.- चारगांव, छिंदवाड़ा

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