समस्या- प्रमुख रबी फसलों में उर्वरक देने की विधि पर प्रकाश डालें ताकि अधिकतम लाभ मिल सके।

समाधान– आपका प्रश्न सामयिक है, बुआई कार्य शुरू है आप निम्न तरीके से उर्वरक का उपयोग करके पूरा-पूरा लाभ उठा सकते हैं।

  • सभी सिंचित क्षेत्र की खाद्य फसलें, तिलहनी-दलहनी फसल में पूरा-पूरा फास्फेट, पोटाश, जस्ता बुआई के समय बीज के नीचे या बगल में पोर देना चाहिये।
  • स्फुर खाद को बिखेरना या फेंकना फूटे घड़े में पानी भरने के समान होता है वह व्यर्थ चला जाता है।
  • दलहनी फसलों में नत्रजन की पूरी मात्रा बुआई के समय फास्फोरस, पोटाश के साथ देना चाहिये।
  • तिलहनी फसलों में नत्रजन की आधी मात्रा, स्फुर, पोटाश पूरा बीज के नीचे दिया जाय बचे हुए नत्रजन को फूल आने की अवस्था में भुरक कर देना अधिक लाभकारी होता है।
  • गन्ने में नत्रजन की एक तिहाई मात्रा बुआई के समय एक तिहाई बुआई के 21 दिनों बाद तथा शेष बुआई के 35-40 दिनों बाद डाली जाये।

– प्रभुदयाल शर्मा, डबरा

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