विश्व बाजार में फास्फेटिक खाद की कीमतें बढ़ेंगी : श्री कुलकर्णी

महाधन वितरक सम्मेलन इन्दौर में आयोजित

इन्दौर। अच्छे मानसून व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि होने से फास्फेटिक खाद की मांग में बढ़ोत्री होने से भारत में कीमतों के बढऩे की सम्भावना है। गत वर्ष पिछले खरीफ में अंतराष्ट्रीय बाजार में डीएपी खाद की कीमत 340-360 डॉलर प्रति टन थी जो कि इस वर्ष 430 डॉलर प्रति टन आयात किया जा रहा है। डीएपी का स्टॉक भी गत वर्षों से सभी कम्पनियों के पास 65 प्रतिशत कम है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस वर्ष डीएपी सहित अन्य खादें कृषकों को महंगी मिलेंगी।
उपरोक्त जानकारी स्मार्टटेक टेक्नालॉजी लि. के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुलकर्णी ने गत दिनों इंदौर में आयोजित महाधन वितरकों को अपने सम्बोधन में दी।
इस अवसर पर दो नये उत्पाद ‘स्मार्टटेक 10:26:26’ व ‘स्मार्टटेक 12:32:16’ का भी लोकार्पण किया। श्री कुलकर्णी ने बताया कि खाद उद्योग ने रेल मंत्रालय से खाद को प्राथमिकता से परिवहन कराने की मांग की है। आपने स्मार्टटेक तकनीक को कृषकों के लिए क्रांतिकारी उर्वरक बताया।
कार्यक्रम में कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट (बल्क फर्टि.) श्री रघुनाथ नवासे, महाप्रबंधक व सुपर स्पेशलिटी फर्टि. के प्रमुख श्री अनंत कुलकर्णी, बेनसल्फ के प्रमुख श्री प्रवीण पाटील, जोनल मैनेजर श्री नाना साहेब शेलके, जोनल मार्केटिंग मैनेजर श्री मुकेश शेलेडिया भी मुख्य रूप से उपस्थित थे। सभी अतिथियों का स्वागत म.प्र. इन्दौर के डीजीएम श्री प्रवीण मालेवार एवं भोपाल के डीजीएम श्री रविन्द्र बिष्ट ने किया।
श्री रघुनाथ ने स्मार्टटेक तकनीक को विस्तार से बताते हुए कहा कि यह एक ऐसा खाद है जिसके हर दाने को जैविक कार्बन व खनिज पदार्थों से लेपित (कोटिंग) किया जाता है जो पौधों के स्वस्थ विकास के लिए जरूरी पोषक तत्वों को उपलब्ध कराने में मदद करती है एवं इससे गुणवत्ता भी बढ़ती है। परिणामस्वरूप फसल की पैदावार में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी होती है। श्री प्रवीण ने महाधन बेनसल्फ के उपयोग से सोयाबीन एवं अन्य तिलहनी फसलों में होने वाले लाभ की जानकारी दी। श्री नाना साहेब ने म.प्र. में स्मार्टटेक टेक्नॉलाजी की व्यवसायिक रणनीति पर चर्चा की। अंत में श्री शेलेडिया ने सभी अतिथियों का आभार माना।

स्मार्टेक उर्वरक की मुख्य विशेषताएं

  • स्मार्टेक उर्वरक का हर दाना स्मार्टेक तकनीक द्वारा विशेष रूप से लेपित किया जाता है।
  • विशेष कोटिंग आर्गेनिक कार्बन और खनिज पदार्थों से भरपूर है जो पौधों के पोषक तत्वों को उपलब्ध कराने में मदद करती है।
  • स्मार्टेक पोषण प्रदान करने के अतिरिक्त फसल की गुणवत्ता को बढ़ाता है, मिट्टी का पोषण करता है और जड़ों द्वारा पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता में सुधार करता है।
  • मिट्टी के अम्लीय और लवणीय होने की स्थिति में प्रभावी पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाता है।
  • फसल द्वारा सूखे का सामना करने की क्षमता में वृद्धि करता है।
  • बीज अंकुरण दर में वृद्धि होकर पौधों की बढ़वार अच्छी होती है।
  • फसल पैदावार में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी होती है।

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