कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन

रायसेन। गत दिनों कृषि विज्ञान केन्द्र, रायसेन द्वारा आत्मा परियोजना अन्तर्गत खरीफ कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, रायसेन में आयोजित किया गया। इस परिचर्चा में डिप्टी परियोजना संचालक आत्मा, श्री एस.के. दोहरे, सहायक संचालक कृषि श्री दुष्यंत धाकड़, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री एन.एस. तोमर, पशु चिकित्सक डॉ. मनोज, डॉ. चक्रेश ठाकुर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, रायसेन के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. स्वप्निल दुबे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा में मुख्य रूप से जिले में कम बारिश का होना, उड़द में पीला मोजेक का अधिक प्रकोप, सोयाबीन व धान में कीट व रोगों का प्रकोप जैसी समस्याओं की ओर वैज्ञानिकों का ध्यान आकर्षित किया।
वैज्ञानिक डॉ. स्वप्निल दुबे ने चर्चा के दौरान कृषकों को बताया कि खरीफ फसलों के अच्छे उत्पादन हेतु नवीनतम प्रजाति व कम व अधिक वर्षा की स्थिति से बचाव हेतु रेज्डबेड या मेढ़ नाली पद्धति को अपनाना आवश्यक है।
वैज्ञानिक श्री प्रदीप कुमार द्विवेदी द्वारा सोयाबीन, उड़द, अरहर व धान फसलों के प्रमुख कीट व रोग सम्बन्धी जानकारी दी।
सहायक संचालक उद्यानिकी श्री एन.एस. तोमर द्वारा आय दोगुनी करने हेतु फसल उत्पादन के साथ फल बगीचा, फूलों की खेती व सब्जी के उत्पादन हेतु ड्रिप व मल्चिंग तकनीक का उपयोग करने की सलाह दी गई। पशु चिकित्सक डॉ. मनोज द्वारा पशुपालन विभाग की आचार्य विद्यासागर योजना अन्तर्गत उन्नत नस्ल के पशुओं सम्बन्धी टीकाकरण, रखरखाव सम्बन्धी जानकारी दी गई। वैज्ञानिक श्री रंजीत सिंह राघव द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड, वैज्ञानिक डॉ. सर्वेश त्रिपाठी ने भूमि की उर्वराशक्ति, वैज्ञानिक श्री मुकुल कुमार ने रबी फसलों एवं वैज्ञानिक लक्ष्मी चक्रवर्ती ने जैविक खेती की तकनीकी जानकारी बताई। इस कार्यक्रम में केन्द्र की वैज्ञानिक कु. लक्ष्मी चक्रवर्ती, श्री सुनील केथवास, श्री पंकज भार्गव व श्री रोहित साहू का विशेष योगदान रहा।

 

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