जैविक खेती का प्रशिक्षण

नैगवां (कटनी)। एसीसी सीमेंट फैक्ट्री कैमोर द्वारा अंगीकृत ग्राम-कलहरा के मोहन टोला में सीएसआर मैनेजर श्री ऐनर विश्वास के मार्गदर्शन में लीसा परियोजना के अंतर्गत संतोषी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डेयरी के माध्यम से दुग्ध के अन्य उत्पाद मक्खन, दही, पनीर के व्यवसाय को बढ़ावा देने का प्रयास जिससे महिलाएं स्वावलंबी बन सकें। जैविक खेती अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने दो दिवसीय प्रशिक्षण जैविक कृषि पाठशाला नैगवां के संचालक रामसुख दुबे ने दिया। एजोला नैगवां के संचालक रामसुख दुबे ने दिया। एजोला एवं नेपियर घास को लगाकर उसका उपयोग भूसा, चारा के साथ देने पर दूध में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होती है। महिलाओं को केंचुआ खाद, नाडेप टांका, बायोगैस संयंत्र, भू-नाडेप, शीघ्र खादों में मटका खाद, जीवामृत खाद बनाने, गौमूत्र+ नीमपत्ती, पांच पत्ती काढ़ा बनाने की विधि एवं फसलों में उपयोग की विधि को बताया गया। सीएसआर टीम के सदस्य श्री सर्वश्री पंकज द्विवेदी, अमित, अभिजीत, परम एवं ऋतुराज एवं कृषक उपस्थित थे।

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