नीली क्रांति के लिये मछुआरे प्रशिक्षण भ्रमण पर

बड़वानी। जिले में बढ़़ रहे जल संरचनाओं में नीली क्रांति कर अतिरिक्त आय प्राप्त करने के लिये 68 मछुआ सदस्य दो दिवसीय प्रशिक्षण भ्रमण पर गये। कलेक्टर श्री तेजस्वी एस नायक ने इन मछुआ सदस्यों को प्रशिक्षण भ्रमण पर रवाना करते समय विश्वास व्यक्त किया कि इस भ्रमण प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से वे दूसरी जगहों पर सफलतापूर्वक हो रहे मछली पालन की बारीकियो को सीख कर अपना व अपने क्षेत्र का नाम नीली क्रांति (मछली पालन) के क्षेत्र में अग्रसर करेंगे।
सहायक संचालक मत्स्योद्योग श्री एमके पानखेड़े ने बताया जिले के तीन आदिवासी मत्स्योद्योग सहकारी समिति मालकातर के 40, भण्डारदा के 7, सुस्तीखेड़ा के 6, धमोड़ी के 3, कालापानी एवं साकड़ के 1-1 सदस्य, मत्स्य बीज सहकारी समिति नरावला के 4 सदस्य, इस प्रकार कुल 68 सदस्य इस दो दिवसीय प्रशिक्षण भ्रमण पर जा रहे है।
उन्होने बताया कि प्रशिक्षण भ्रमण के दौरान यह सदस्य धार के साकल्दा में केज कल्चर व पंगेशियस के बारे में, धार जीराबाद डेम पर झींगा पालन व मत्स्य उत्पादन, धार के सुन्द्रेल के निजी प्रक्षेत्र पर मत्स्य बीज उत्पादन तथा खरगोन के साटक डेम पर मत्स्य बीज एवं मत्स्य उत्पादन की बारीकियों को देखेंगे एवं उसके गुर को सीखेंगे।
ज्ञातव्य है कि जिले में इंदिरा सागर सरोवर की नहरों एवं अन्य योजनाओं के तहत बने नवीन जल संरचनाओं के कारण मछली पालन की संभावना दिनो-दिन बढ़ती जा रही है। इन समितियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिलवाने के पश्चात् उन्हें मछली आहार एवं घुमाव एवं फसल जाल भी नि:शुल्क देने का विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया गया है।

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