सोपा, एनएससी के बीज प्रतिबंधित

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जिलों की सख्त कार्यवाही
जानकारी के मुताबिक जिलों में गुण नियंत्रण अभियान के तहत अमानक नमूनों पर सख्त कार्यवाही करने की खबर है। इंदौर के उप संचालक कृषि श्री वी.के. चौरसिया ने बताया कि दो फर्मों/ कम्पनियों के 8 बीज लाट के नमूने परीक्षण में मानक स्तर से कम अंकुरण प्रतिशत के पाये जाने से बीज अधिनियम के तहत अमानक बीज लाट के क्रय, विक्रय, भंडारण व स्थानांतरण को प्रतिबंधित किया गया है। जिन फर्मों/कम्पनियों के बीज लाट प्रतिबंधित किये गये हैं, उनमें मेसर्स दि. सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया इंदौर का सोयाबीन जेएस 9560 आधार द्वितीय का एक तथा सोयाबीन जेएस 9560 प्रमाणित-द्वितीय के चार बीज लाट, मेसर्स नेशनल सीड कार्पोरेशन लिमिटेड इंडस्ट्रीयल एरिया सांवेर रोड इंदौर के सोयाबीन जेएस 9305 आधार एक का एक बीज लाट तथा सोयाबीन जेएस 9560 प्रमाणित – दो के दो बीज लाट प्रतिबंधित किये गये हैं। इसी तरह एक कीटनाशक औषधि कार्बेन्डाजिम प्लस मेंकोजेब का नमूना कीटनाशक गुण नियंत्रण अधिनियम 1968 के तहत अमानक पाया गया। उक्त औषधि के बैच के उत्पाद के क्रय-विक्रय, भंडारण व परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया है। श्री चौरसिया ने बताया कि कृषकों द्वारा श्री जी.पेस्टीसाइड प्रायवेट लिमिटेड बड़ौदा गुजरात के खरपतवारनाशी से हुए नुकसान का सर्वे किया गया है। प्रभावित कृषकों को आर्थिक सहायता दी जायेगी तथा कंपनी के विरूद्ध कीटनाशी अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
इसी प्रकार सतना स्थित तीन बीज एवं कीटनाशी विक्रय प्रतिष्ठानों से बीज एवं कीटनाशक का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है।
रीवा में न्यू बघेलखंड बीज एवं कीटनाशक भंडार ईदगाह चौक, ओमसाई राम एग्रो सेंटर ईदगाह चौक व रोशन एग्रो सेंटर ईदगाह चौक से बीज एवं कीटनाशक का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित किया गया है। इन प्रतिष्ठानों में निरीक्षण के दौरान अनियमितता पायी गयी थी। प्रतिष्ठानों द्वारा प्रतिबंध के बाद भी यदि बिक्री की जाती है तो संबंधित बीज विक्रेता के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। प्रदेश में खरीफ मौसम के शुरू होते ही खाद, बीज, कीटनाशक के घटिया सामग्री की बिक्री शुरू हो जाती है। जब प्रतिष्ठित कम्पनियों का बीज खेत में अंकुरित नहीं होता है, जब महंगा खरपतवारनाशक डालने पर भी खेत में चौड़ी पत्ती, और चौड़ी हो जाती है तब किसान हालाकान, परेशान हो खून के घूंट पीकर रह जाता है। पर उसका पुरसाने हाल कोई नहीं होता। राज्य में कृषि विभाग भी इस बार कमर कसकर अमानक कृषि आदान विक्रेताओं पर नकेल कस रहा है। विभाग ने डेढ़ माह का गुण नियंत्रण अभियान चलाया है जिससे नकली एवं अमानक आदान बेचने वालों में खलबली मच गई है। सीजन में किसान को परेशान करने तथा नकली एवं अमानक माल बेचकर मुनाफा कमाने के गोरखधंधे में लगी कंपनियां कुकुरमुत्ते की तरह उग आती हैं। परन्तु जब अमानक बीजों की बिक्री में बड़े और प्रतिष्ठित साथ ही सरकारी संस्थाओं का नाम सामने आता है तो मामला गम्भीर हो जाता है। प्रदेश के संचालक कृषि श्री मोहनलाल ने कृषक जगत को बताया कि खरीफ में आदानों के गुण नियंत्रण के लिये 25 मई से 15 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया गया है। जिसमें खाद, बीज एवं कीटनाशकों की दुकानों का निरीक्षण किया गया, इसके लिए जिला स्तर पर नियंत्रण दल बनाए गए थे। उन्होंने बताया कि दलों ने कई विक्रेताओं के यहां से नमूने लिए हैं जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।
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