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अब तीन किसान स्थायी कृषि पंप के लिए कर सकते हैं संयुक्त आवेदन – मुख्यमंत्री स्थायी कृषि पंप कनेक्शन योजना में नए प्रावधान

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भोपाल। मुख्यमंत्री स्थायी कृषि पंप कनेक्शन योजना में नए प्रावधान लागू किए गए हैं। प्रावधानों के अनुसार समीपवर्ती खेतों के लिए एक ही अधोसंरचना एवं वितरण ट्रांसफार्मर से यदि एक से अधिक परन्तु अधिकतम तीन किसान, स्थायी कृषि पंप कनेक्शन हेतु एक साथ संयुक्त आवेदन करते हैं, तो इन सभी किसानों से अलग-अलग अंशराशि लेने के स्थान पर इन किसानों में से अधिकतम क्षमता के आवेदन पर प्रति हार्सपावर के आधार से अंशराशि ली जाएगी, जिसका विभाजन इन आवेदकों के मध्य उनकी पंप क्षमता के आधार पर अनुपालिक रूप से किया जाएगा। उक्त प्रावधान अधिकतम 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर के लिए लागू होगा, जिस पर संयुक्त आवेदित भार 20 हार्सपावर से अधिक नहीं होना चाहिए। जमीन के क्षेत्रफल या अनुसूचित जाति/जनजाति का आवेदक होने पर किसानों द्वारा अलग-अलग अंशराशि देय होने की स्थिति में भी योजना के प्रावधान अनुसार अधिकतम अंशराशि वाले आवेदन अनुसार अंशराशि देय होगी, जिसका आवेदकों के मध्य विभाजन उनकी पंप क्षमता के आधार पर अनुपातिक रूप से किया जाए। परन्तु अनुसूचित जाति/जनजाति के आवेदक के लिए उसका अंश, उसके अकेले आवेदन करने पर देय अंश राशि से अधिक नहीं होना चाहिए। इस तरह के संयुक्त आवेदनों पर अंश राशि की देयता की छूट मात्र रूपये 2.50 लाख (दो लाख पचास हजार रूपये) तक के अधोसंरचना कार्यों की लागत के लिए होगी।  भोपाल। मुख्यमंत्री स्थायी कृषि पंप कनेक्शन योजना में नए प्रावधान लागू किए गए हैं। प्रावधानों के अनुसार समीपवर्ती खेतों के लिए एक ही अधोसंरचना एवं वितरण ट्रांसफार्मर से यदि एक से अधिक परन्तु अधिकतम तीन किसान, स्थायी कृषि पंप कनेक्शन हेतु एक साथ संयुक्त आवेदन करते हैं, तो इन सभी किसानों से अलग-अलग अंशराशि लेने के स्थान पर इन किसानों में से अधिकतम क्षमता के आवेदन पर प्रति हार्सपावर के आधार से अंशराशि ली जाएगी, जिसका विभाजन इन आवेदकों के मध्य उनकी पंप क्षमता के आधार पर अनुपालिक रूप से किया जाएगा।

                                                      योजना के लाभ
  • महंगे अस्थाई कृषि पंप कनेक्शन से मुक्ति।
  • एक हेक्टेयर वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों को 5 हॉर्सपावर तक मुफ्त बिजली।
  • सालभर बिजली का रूपये 1400/- प्रति हार्सपावर का बिल।
  • तीन किसानों द्वारा समूह में आवेदन करने पर अंशराशि एक तिहाई होगी।
  • स्थाई पम्प आवेदक स्वीकृति पर ही फ्लेट रेट लागू।द्य ठेकेदार का चयन स्वयं किये जाने की सुविधा।
  • वर्ष में केवल दो बार बिजली बिल जमा करने की सुविधा।

उक्त प्रावधान अधिकतम 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर के लिए लागू होगा, जिस पर संयुक्त आवेदित भार 20 हार्सपावर से अधिक नहीं होना चाहिए। जमीन के क्षेत्रफल या अनुसूचित जाति/जनजाति का आवेदक होने पर किसानों द्वारा अलग-अलग अंशराशि देय होने की स्थिति में भी योजना के प्रावधान अनुसार अधिकतम अंशराशि वाले आवेदन अनुसार अंशराशि देय होगी, जिसका आवेदकों के मध्य विभाजन उनकी पंप क्षमता के आधार पर अनुपातिक रूप से किया जाए। परन्तु अनुसूचित जाति/जनजाति के आवेदक के लिए उसका अंश, उसके अकेले आवेदन करने पर देय अंश राशि से अधिक नहीं होना चाहिए। इस तरह के संयुक्त आवेदनों पर अंश राशि की देयता की छूट मात्र रूपये 2.50 लाख (दो लाख पचास हजार रूपये) तक के अधोसंरचना कार्यों की लागत के लिए होगी।  अस्थायी कृषि पंप कनेक्शन का आवेदन करते समय किसान को स्थायी पंप कनेक्शन का विकल्पअस्थायी कृषि पम्प कनेक्शन का आवेदन करते समय किसान को स्थायी पंप कनेक्शन हेतु यह विकल्प दिया गया है कि यदि वह चाहे तो ”मुख्यमंत्री स्थायी कृषि पंप कनेक्शन योजना” के अंतर्गत स्थायी कनेक्शन हेतु निर्धारित अंशराशि एकमुश्त जमा कर फ्लेट रेट बिल पर बिजली प्राप्त कर सकता है। अंशराशि जमा करने पर उसे अस्थायी कृषि पंप कनेक्शन के लिए पृथक से एनर्जी चार्ज आदि की राशि जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी तथा उक्त कनेक्शन पर फ्लैट रेट स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के समान बिजली उक्त श्रेणी हेतु लागू दर अनुसार प्रदान की जाएगी। स्थायी कृषि पंप कनेक्शन का प्रथम बिल आगामी बिलिंग चक्र के साथ लिया जाएगा। विद्युत वितरण कंपनी का यह दायित्व होगा कि 6 माह के अंदर अधोसंरचना का आवश्यक कार्य कर, उस कनेक्शन की अधोसंरचना को स्थायी किया जाएगा। वितरण कंपनी के संभागीय कार्यालय में ऐसे सभी प्रकरणों को पृथक से रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा। आवेदक किसान को इस सुविधा का लाभ तभी दिया जाएगा, जब किसान द्वारा यह शर्त स्वीकार की जाए कि स्थायी पंप कनेक्शन की अधोसंरचना का निर्माण किए जाने की अवधि तक उसके द्वारा स्थापित की गई अस्थायी अधोसंरचना की सुरक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी उसकी स्वयं की होगी।

  • मनोज द्विवेदी
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