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भोपाल।     2 अक्टूबर 2014  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम का आगाज किया था जो कि 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त किया जा सके। इसके बाद पूरे देश में शौचालय निर्माण के कार्य अधिक हो गये। एक सर्वे के मुताबिक 45000 शौचालयों का निर्माण प्रतिदिन हो रहा है। पर सर्वे के अनुसार शौचालयों का उपयोग बहुत ही कम हो रहा है। उपयोग नहीं होने का कारण पानी की कमी प्रमुख है। जहां लोगों को उपयोग करने के लिये पानी दूर-दूर से लाना पड़ता है।
इसलिए लोग पानी बचाने के लिये घर के बाहर शौच जाते हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिये लिक्सिल इंडिया प्रा.लि. के म.प्र. प्रभारी श्री धनंजय सिंह ने बताया कि कंपनी ने एक नये तरह के शौचालय सीट का अविष्कार किया है जो कि साटो पेन के नाम से आता है। इस शौचालय सीट में  पी-ट्रेप (मुर्गे) का उपयोग नहीं होता है। इस सीट में एक ढक्कन लगा होता है जो कि 200 ग्राम से अधिक का भार आते ही है खुद खुल जाता है तथा स्वयं ही बंद भी हो जाता है।
एसएटीओ शौचालय सीट के फायदे –

  •  आधा ली. पानी में ही सफाई हो जाती है।
  •  गंदगी व दुर्गंध नहीं होती है।
  •  कम खर्च में बेहतर तकनीक।

इस शौचालय का प्रयोग दुनिया भर में ग्रामीण क्षेत्रों में बहुतायत में हो रहा है। जहां पानी की कमी है। इस शौचालय की और अधिक जानकारी के लिये संपर्क करें – 9752524301

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