चने की उन्नत किस्मों में उकठा की समस्या नहीं

रायसेन। कृषि विज्ञान केन्द्र, नकतरा, रायसेन के द्वारा रबी मौसम में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन व तिलहन के अन्तर्गत आयोजित क्लस्टर प्रदर्शन का निरीक्षण डॉ. ए.के. शिवहरे, सहायक संचालक, दलहन विकास निदेशालय भोपाल द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान केन्द्र के वैज्ञानिक श्री प्रदीप द्विवेदी, डॉ. सर्वेश त्रिपाठी व तकनीकी सहायक श्री रोहित साहू प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
श्री प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन के अन्तर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र, नकतरा, रायसेन द्वारा रबी मौसम में चना फसल के 30 हेक्टेयर में 75 कृषकों के खेत पर व मसूर फसल के 20 हेक्टेयर में 50 कृषकों के खेत पर व तिलहन अन्तर्गत अलसी फसल के 30 हेक्टेयर में 75 कृषकों के खेत पर प्रदर्शन आयोजित किये गये। जिनमें चना की उन्नत किस्म जे.जी.-63 व आर.वी.जी.-202, मसूर की उन्नत किस्म आई.पी.एल.- 316 व अलसी की पी.के.डी.एल.- 41 का प्रदर्शन कृषकों के खेत पर किया गया है। डॉ. ए.के. शिवहरे द्वारा रायसेन जिले के बाढ़ेर, सुकर्रा, सहजपुर, सांकल, देहगांव, बाबेर, सगोनिया, डाबर, नकतरा आदि ग्रामों में फसल प्रदर्शनों का निरीक्षण किया गया।
चर्चा के दौरान कृषकों ने बताया कि चने की उन्नत किस्म जे.जी.-63 व आर.वी.जी.-202, मसूर की उन्नत किस्म आई.पी.एल.- 316 किस्म की बढ़वार अच्छी व उकठा की समस्या भी नहीं है। डॉ. ए.के. शिवहरे द्वारा कृषकों को रबी मौसम में दलहनी व तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने व अंतरवर्तीय फसल के रूप में अलसी को भी लगाने की सलाह दी गई।

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