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दतिया। कृषि विज्ञान केन्द्र दतिया द्वारा ग्राम गोविन्दगढ़ में विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह चौहान ने किसानों को बताया कि वर्तमान में मृदा की भौतिक स्थिति बहुत ही खराब होती जा रही हैै। इसका सबसे बड़ा कारण मृदा का संतुलन खराब होना है। डॉ. चौहान ने किसानों को सलाह दी कि सभी किसान रसायनिक उर्वरकों के साथ-साथ अपने खेत में 2-3 वर्ष के अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में लगभग 250-300 क्विं./हे. सड़ी हुई गोबर की खाद खेत में डालें जिससे रासायनिक उर्वरकों एवं दवाओं का प्रभाव कम हो सके एवं मृदा को संतुलित मात्रा में सूक्ष्म पोषक तत्व भी प्राप्त हो सके। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. ए.के. सिंह ने भी किसानों को अपनी भूमि का कुछ हिस्सा जैविक खेती करने की सलाह दी।

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