वाधुर-असोदा गुट के फ्यूचर रेडी माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट

जैन इरिगेशन की नई परियोजना

हर खेत तक पहुंचेगा सिंचाई के लिए पानी

जलगांव। भारत की अग्रणी सिंचाई संसाधन समूह जैन उद्योग समूह का चयन महाराष्ट्र की महत्वाकांक्षी परियोजना वाधुर- असोदा शाखा नहर पाईप वितरण परियोजना के लिये किया गया है। इस परियोजना में नहर से पाईप द्वारा खेतों तक पानी पहुंचाया जायेगा। इससे ऑन फॉर्म सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। जैन इरीगेशन के संयुक्त कार्यकारी संचालक श्री अतुल जैन ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के अनुसार वाधुर-असोदा वितरण एवं असोदा नहर दाबयुक्त एचडीपीई/पी.वी.सी. पाईप वितरण परियोजना में असोदा नहर और डीवाय नहर से पानी 20 रेसीड्यूल हेड से खेतों तक पहुंचाया जायेगा। यह एक फ्यूचर रेडी प्रणाली होगी। जिससे किसान भविष्य में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को भी इससे जोड़ सकेगा।
उन्होंने बताया कि इस एकीकृत परियोजना में नहर के समीप पम्प हाऊस का निर्माण करना, 7.5 किमी लंबाई की पाइप लाईन का गुरुत्वार्षण तत्व पर 1000 एमएम से अधिक व्यास के पाइप्स की आपूर्ति एवं रचना, दाब वाले एचडीपीई एवं पीवीसी पाईप का जाल प्रत्येक किसानों के खेत तक पहुँचाना, बिजली की आपूर्ति, सबस्टेशन्स, ट्रान्सफॉर्मर्स केंद्र एवं उससे संबंधित मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति,पानी वापर संस्थाओं की स्थापना एवं उसके संबंधित विभागीय अधिकारी और पानी वापर संस्थाओं को प्रशिक्षित करना एवं परियोजना की शुरुआत और 5 वर्षों तक रखरखाव किया जाएगा।

  • जैन इरिगेशन का महाराष्ट्र के फ्यूचर रेडी माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट के लिये चयन
  • असोदा क्षेत्र के 8086 एकड़ क्षेत्र तथा 3000 किसानों को लाभ
  • नहर से पाईप द्वारा खेत तक पहुंचेगा पानी
  • पानी के रिसाव व चोरी पर लगेगी रोक

उन्होंने बताया कि इस संपूर्ण परियोजना में पाईप वितरण संजाल के लिये केवल एचडीपीई एवं पीवीसी पाईप का ही उपयोग किया जायेगा। पाईप वितरण प्रणाली का जीवनकाल 50 वर्षों से अधिक होगा। उल्लेखनीय होगा कि इसके पूर्व भी आदली नहर और तापी इरिगेशन डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन जलगांव के अंतर्गत सिंचाई वितरण पाईप परियोजना का काम जैन इरिगेशन को प्राप्त हुआ था।

इस परियोजना में संपूर्ण दाबयुक्त पाइप वितरण के लिए पाइप, साहित्य का चयन ‘संसाधन से मूल’ इस तत्व के अनुसार नवोन्मेषी रचना का उपयोग किया गया है। संपूर्ण पाइप वितरण नेटवर्क के लिए केवल एचडीपीई एवं पीवीसी पाइप का ही उपयोग किया जाएगा। एचडीपीई पाइप का जीवनकाल 100 वर्षों से अधिक होता है तथा पीवीसी पाइप का जीवनकाल 50 वर्षों से अधिक होता है। इसलिए पाइप वितरण नेटवर्क का जीवनकाल 50 वर्षों से अधिक (कम से कम 50 वर्ष) होगा और परियोजना शाश्वत रहेगी।
                                                    -अतुल जैन, संयुक्त कार्यकारी संचालक, जैन इरिगेशन सिस्टम्स लि.

 

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